Ranchi: झारखंड पुलिस में सहायक अवर निरीक्षक से अवर निरीक्षक में प्रोन्नति रुकी हुई है. पिछले दो साल से अधिक समय से अवर निरीक्षक में प्रोन्नति का मामला अटका हुआ है. पुलिस मुख्यालय ने प्रोन्नति से संबंधित पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अब तक अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
1994 बैच के पुलिसकर्मियों का सपना अधूरा
जानकारी के अनुसार, इन सभी आरक्षियों की बहाली वर्ष 1994 में हुई थी. आरक्षी से एएसआई में प्रोन्नति वर्ष 2016 में हुई थी, लेकिन एएसआई से एसआई में अब तक प्रोन्नति नहीं हो सकी है. एएसआई से एसआई में प्रोन्नति का अंतराल लगभग 10 साल हो गया है.

कई पुलिसकर्मी बिना प्रोन्नति के हो रहे रिटायर
प्रोन्नति में हो रही देरी के कारण कई पुलिसकर्मियों का दारोगा बनने का सपना अधूरा रह गया है. कई योग्य पुलिसकर्मी बिना प्रोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं. इससे पुलिसकर्मियों में भारी निराशा देखी जा रही है.
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600 रिक्तियों के बावजूद अटकी प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार, एएसआई से दारोगा पद पर प्रोन्नति के लिए लगभग 600 रिक्तियां मौजूद हैं. इनमें कई सहायक अवर निरीक्षक योग्य पाए गए थे. इसके बावजूद 26 महीने बीत जाने के बाद भी अंतिम सूची जारी नहीं की गई है.
वेतन और मनोबल पर पड़ रहा असर
इस देरी का असर केवल पुलिसकर्मियों के मनोबल पर ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है. अनुमान के मुताबिक, प्रोन्नति नहीं मिलने से एक पुलिसकर्मी को हर महीने औसतन 3,444 रुपये के वेतन का नुकसान हो रहा है.
पुलिस एसोसिएशन ने उठाए सवाल
Jharkhand Police Association का कहना है कि समय पर प्रोन्नति नहीं मिलने से पुलिस अधिकारियों में भारी निराशा है. एसोसिएशन ने मांग की है कि पुलिस मुख्यालय इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी करे.
