रांची: बजट सत्र के आठवें दिन ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर बोलते हुए जयराम महतो ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक खर्च 2,946 रुपए है, जबकि शहरी क्षेत्रों में मासिक खर्च 5,393 रुपए है. यह लगभग दोगुना फर्क है. गांव और शहर के बीच की खाई को पाटना होगा. बिचौलियों पर अंकुश लगाना होगा.

उन्होंने मंत्री को सलाह दी कि सावधान रहिए, इस विभाग के तीन पूर्व मंत्री जेल जा चुके हैं. सड़क और पुल निर्माण में जनता का फीडबैक लिया जाए. अगर जनता ने इसे नकार दिया तो संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. शिलापट्ट में क्यूआर कोड भी लगाया जाना चाहिए.
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मनरेगा में सीमित क्षेत्र में काम होता था: अमित यादव
अमित यादव ने कहा कि पहले मनरेगा में सीमित क्षेत्र में काम होता था. कार्य की गुणवत्ता नहीं थी. इसलिए जी रामजी योजना लाई गई. इसमें सभी कार्यों को शामिल किया जाएगा.
अबुआ आवास की किस्त जारी की जानी चाहिए. पिछले दो साल से अंबेडकर आवास का टारगेट पूरा नहीं हुआ है. मुखिया और जिला परिषद को फंड नहीं मिल रहा है. नए कामों के साथ पुराने कामों पर भी ध्यान देना चाहिए. पैसा लेने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है.
रामजी को बेचकर सत्ता में आए हैं: सुरेश बैठा
सुरेश बैठा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग रामजी को बेचकर सत्ता में आए हैं. मनरेगा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए था. पेसा कानून में जो खामियां हैं, उन्हें सुधारने का प्रयास होना चाहिए. अबुआ आवास का नाम दिशोम गुरु अबुआ आवास किया जाना चाहिए.
चंद्रदेव महतो ने कहा कि ग्रामीण योजनाओं के कारण सड़कें बनी हैं. योजनाओं को समय पर पूरा करने की जरूरत है. अबुआ आवास की लंबित योजनाएं पूरी की जाएं. ग्रामसभा को मजबूत किया जाए.

