“बिहार-UP में पेट्रोल भरपूर, झारखंड में किल्लत क्यों?” सरायकेला में पंपों पर लिमिट और ब्लैक में बिक रहे तेल पर उठे सवाल

Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में पेट्रोल संकट गहराता जा रहा है. राहगीरों का सवाल है कि एक ही देश में बिहार और उत्तर...

Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में पेट्रोल संकट गहराता जा रहा है. राहगीरों का सवाल है कि एक ही देश में बिहार और उत्तर प्रदेश में पेट्रोल संकट नहीं दिखता, तो झारखंड में तेल की किल्लत क्यों? पंपों पर लंबी कतारें और खुले बाजार में महंगे दाम पर बिकता ईंधन कालाबाजारी की ओर इशारा कर रहा है.

पंपों पर लिमिट, जनता परेशान

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कई फिलिंग स्टेशनों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अव्यवस्था है. खासतौर पर पेट्रोल की भारी कमी से आम लोग परेशान हैं. कई पेट्रोल पंपों ने दोपहिया वाहनों के लिए ₹100 से ₹200 तक तथा चारपहिया वाहनों के लिए ₹1000 से ₹1500 तक ही पेट्रोल देने की सीमा तय कर दी है.

“बिहार-UP में भरपूर, यहां क्यों नहीं?”

कुछ राहगीरों ने एक पेट्रोल पंप पर चर्चा के दौरान कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों में भरपूर तेल मिल रहा है. लेकिन झारखंड में पंपों पर सुबह से देर रात तक लंबी कतारें लगी हैं. दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालक घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं.

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अचानक खत्म हो जाता है तेल

कई लोगों ने आरोप लगाया कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी अचानक यह कहकर पेट्रोल देना बंद कर दिया जाता है कि अब ईंधन उपलब्ध नहीं है. जब पूछा जाता है कि पेट्रोल कब मिलेगा, तो “पता नहीं” कहकर बात टाल दी जाती है.

ब्लैक में बिक रहा पेट्रोल

एक तरफ पंपों पर मारामारी है, दूसरी तरफ खुले बाजार में ₹120-₹130 प्रति लीटर तक पेट्रोल आसानी से मिल रहा है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पंपों पर सप्लाई नहीं है तो ब्लैक में तेल कहां से आ रहा है?

उच्च स्तरीय जांच की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही देश में दो राज्यों में आपूर्ति सामान्य और झारखंड में संकट, यह उच्च स्तरीय जांच का विषय है. क्या सप्लाई में कटौती हुई है या कालाबाजारी हो रही है, इसकी जांच होनी चाहिए.

जिला प्रशासन से मांग की गई है कि पंपों की स्टॉक रजिस्टर जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए. फिलहाल आपूर्ति विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

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