Ranchi: झारखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह वेंटिलेटर पर पहुंच चुका है. अस्पतालों में न डॉक्टर हैं, न दवा और न ही बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं, जिसकी कीमत आम जनता अपनी जान देकर चुका रही है. उन्होंने कहा कि इलाज के अभाव में लगातार हो रही मौतें हेमंत सरकार की नाकामी और लापरवाही का सबसे बड़ा प्रमाण है. सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत को उन्होंने “व्यवस्था की हत्या” करार दिया.
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सरकारी अस्पतालों में बिजली तक की व्यवस्था नहीं
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि 21वीं सदी में भी झारखंड के सरकारी अस्पतालों में बिजली तक की व्यवस्था नहीं है. ग्रामीण इलाकों के अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं, जहां मरीजों को इलाज नहीं बल्कि निराशा मिल रही है. अविनेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग घोटालों और अव्यवस्थाओं का अड्डा बन गया है. दवा खरीद, आउटसोर्सिंग, टेंडर और आयुष्मान योजना में गड़बड़ियों के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई के बजाय लीपापोती में जुटी है.
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रांची सदर अस्पताल में नहीं दी जा रही पूरी दवा
उन्होंने दावा किया कि रांची सदर अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध रहने के बावजूद मरीजों को पूरी दवा नहीं दी जा रही. “डॉक्टर पांच दवा लिखते हैं, लेकिन मरीजों को सिर्फ दो दवा थमा दी जाती है. बाकी दवाओं की कालाबाजारी हो रही है,” भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार तक को झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाने पड़े हैं, लेकिन राज्य सरकार अब भी नींद में है. उन्होंने कहा- “जनता अस्पतालों में तड़प रही है और सरकार सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त है.”
