जेटेट नियमावली में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने पर मंथन, 18 मई को उच्च स्तरीय समिति की बैठक

Ranchi: झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड शिक्षक पात्रता नियमावली( जेटेट) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है....

Ranchi: झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड शिक्षक पात्रता नियमावली( जेटेट)
को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक में विभिन्न जिलों के लिए निर्धारित भाषा संबंधी मामलों पर विचार-विमर्श और अध्ययन किया जाएगा. विशेष रूप से नियमावली में जनजातीय (Tribal) और क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने या हटाने के बिंदु पर गहन समीक्षा की जाएगी. यह बैठक पहले 17 मई को होनी तय थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसकी तिथि में बदलाव किया गया है. अब यह उच्च स्तरीय बैठक 18 मई को दिन 11:30 बजे प्रोजेक्ट भवन के मंत्रिमंडल बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी.

महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों को भेजा गया आमंत्रण:

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभागके संयुक्त सचिव कुंवर सिंह पाहन द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र के माध्यम से राज्य के कई प्रमुख विभागों के मंत्रियों के आप्त सचिवों को सूचना भेजकर बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया गया है. इनमें वित्त विभाग, वाणिज्य कर विभाग, योजना एवं विकास विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग, श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा उद्योग विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग तथा पंचायती राज विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री को इस बैठक में शामिल होने के लिए अनुरोध किया गया है.

भोजपुरी, मगही, अंगिका समेत कई स्थानीय भाषाओं को सूची से हटा दिया गया था:

जेटेट के लिए बनी नयी नियमावली को सरकार ने रद्द कर दिया है. अब नई नियमावली बनेगी. जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की बैठक में दो मंत्रियों द्वारा जेटेटे के लिए भोजपुरी, मगही और अंगिका समेत कई भाषाओं को शामिल नहीं करने का मामला उठाया. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई नियमावली को रद्द करने का फैसला लिया था. उल्लेखनीय है कि नई नियमावली में भोजपुरी, मगही, अंगिका समेत कई स्थानीय भाषाओं को सूची से हटा दिया गया था. इसे लेकर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. कई विधायकों व पूर्व विधायकों ने भी नाराजगी जतायी थी.

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