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स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण पर बवाल: महिला ने CM हेमंत सोरेन से लगाई गुहार, कहा- ‘मेरी खरीदी जमीन पर जबरन कब्जे की कोशिश’

बगोदर में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण का विरोध तेज, ग्रामीण महिला ने सरकार पर उठाए सवाल Giridih: गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत...

  • बगोदर में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण का विरोध तेज, ग्रामीण महिला ने सरकार पर उठाए सवाल

Giridih: गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड अंतर्गत मौजा बगोदर में प्रस्तावित स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है. जरमुन्ने निवासी ग्रामीण महिला कवितांजलि देवी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी तथा उपायुक्त गिरिडीह को डाक के माध्यम से आवेदन भेजकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और योजना को रद्द करने की मांग की है. कवितांजलि देवी, पति अशोक प्रसाद साव ने आरोप लगाया है कि जिस जमीन पर स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण की योजना बनाई गई है, वह जमीन उन्होंने वर्ष 2004 में विधिवत खरीदारी कर अपने नाम दाखिल-खारिज कराई थी. आवेदन के अनुसार खाता संख्या 407 एवं प्लॉट संख्या 105 की लगभग 0.25 एकड़ भूमि प्रथम एवं द्वितीय केवाला के माध्यम से खरीदी गई थी और उसका नियमित रूप से मालगुजारी रसीद भी कटता रहा है. महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी निजी जमीन को सरकारी योजना में शामिल कर लिया गया. उन्होंने दावा किया कि कुछ भू-माफियाओं के प्रभाव में आकर उनकी जमीन को स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है. मामले को लेकर उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं.

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न्याय दिलाने की गुहार

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जमीन से जुड़ा मामला वर्तमान में सरिया अनुमंडल दंडाधिकारी न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. कवितांजलि देवी ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने और प्रस्तावित स्वास्थ्य उपकेंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है. वहीं अधिवक्ता वासुदेव दास ने भी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और गिरिडीह उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि विवादित जमीन से सरकारी योजना को हटाया जाए और पीड़ित महिला को न्याय दिया जाए. इस मामले की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री, उपायुक्त गिरिडीह, पुलिस अधीक्षक, अंचल अधिकारी बगोदर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है.

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