Dhanbad: केंदुआडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुंडा के गोधर 6 नंबर एरिया सब-स्टेशन के पीछे सोमवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई. इस भू-धसान के कारण इलाके में एक बड़ा गड्ढा बन गया है और आसपास के तीन घरों में गंभीर दरारें आ गईं. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और डरे-सहमे लोग अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे.
हवा चनक के पास हुआ हादसा, जहरीली गैस का रिसाव शुरू
यह घटना हवा चनक (Air Shaft) के पास हुई, जहां अचानक जोरदार धमाके के साथ जमीन धंसने लगी. स्थानीय लोगों के मुताबिक, भू-धसान वाले स्थान से लगातार जहरीली गैस का रिसाव हो रहा है, जिससे आस-पास के वातावरण में दमघोंटू स्थिति बन गई है और लोग दहशत में हैं. घटना की सूचना मिलते ही केंदुआडीह थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रभावित इलाके का जायजा लिया.

बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है. लोगों का आरोप है कि, इस इलाके में पहले भी कई बार भू-धसान और गोफ बनने की घटनाएं हो चुकी हैं. बार-बार आगाह करने के बावजूद प्रबंधन द्वारा सुरक्षा का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया. वहीं, हादसे से प्रभावित पीड़ित शिवनंदन पासवान और पार्वती देवी ने बीसीसीएल से तुरंत सुरक्षित स्थान पर आवास उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन ने आनन-फानन में इस पूरे क्षेत्र को ‘डेंजर जोन’ घोषित कर दिया है.
250 परिवारों की जान जोखिम में, प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि गोधर के इस संवेदनशील इलाके में करीब 250 परिवार रहते हैं. लगातार हो रहे भू-धसान के कारण यहां के लोगों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है. प्रभावितों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी देखी गई कि इतनी बड़ी घटना होने के काफी देर बाद तक न तो बीसीसीएल प्रबंधन का कोई उच्च अधिकारी और न ही जिला प्रशासन का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा. पीड़ित परिवार अब मुआवजे और सुरक्षित पुनर्वास की मांग पर अड़े हैं.
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