Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली की अनूठी मिसाल पेश की है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हरियाणा से दो बच्चियों/युवतियों को सकुशल बरामद कर उनके गृह जिला वापस लाया है, जिससे वे अपने परिजनों से मिल सकी हैं.

मामला 1: 6 महीने से लापता 15 वर्षीय नाबालिग बरामद
11 मई 2026 को गुडड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम तिरकीड़ा निवासी बिक्रम बरजो (48 वर्ष) ने थाने में एक आवेदन दिया था. आवेदन के अनुसार, उन्होंने अपनी 15 वर्षीय पुत्री सुषमा बरजो को जून 2024 में पढ़ाई और काम सीखने के लिए एक रिश्तेदार के साथ पंजाब भेजा था, जहां वह एक संस्था में रहकर पढ़ाई कर रही थी. लगभग 6 महीने पहले सुषमा वहां से घर लौटना चाहती थी, लेकिन इसी दौरान वह लापता हो गई. बीती 11 मई को सोशल मीडिया के माध्यम से परिजनों को जानकारी मिली कि सुषमा हरियाणा की एक संस्था में है और घर वापस आना चाहती है, परंतु अत्यंत खराब आर्थिक स्थिति के कारण परिजन उसे वापस लाने में असमर्थ थे.
मामला 2: 9 महीने से फंसी 20 वर्षीय कामिनी का भी रेस्क्यू
हरियाणा में चलाए गए इस बचाव अभियान के दौरान चाईबासा पुलिस टीम को वहां की सीडब्ल्यूसी (CWC) संस्था में एक और युवती कामिनी कुमारी (20 वर्ष, पिता- रामू मोहली, निवासी- ग्राम अकडोनी, थाना गिरिडीह मुफस्सिल, जिला गिरिडीह) का पता चला. कामिनी पिछले 9 महीनों से उसी संस्था में रह रही थी और अपने घर लौटना चाहती थी, लेकिन परिजनों की तंगहाली के कारण वह वापस नहीं आ पा रही थी.
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी रेस्क्यू टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), चक्रधरपुर के नेतृत्व में तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर हरियाणा भेजा गया. इस रेस्क्यू टीम में पु.अ.नि. सुदर्शन मिंज (थाना प्रभारी, गुडड़ी), पु.अ.नि. चंदन शुभम शर्मा, स.अ.नि. मनोज कुमार बोदरा और महिला आरक्षी प्रियंका बिरउली शामिल थे.
सकुशल बरामदगी एवं पुनर्वास
सुषमा बरजो: पुलिस टीम ने हरियाणा से सुषमा को सकुशल बरामद किया. आज 19/05/2026 को दोपहर 3:00 बजे उसे बाल कल्याण समिति (CWC), चाईबासा के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया गया.
कामिनी कुमारी: पुलिस टीम कामिनी को भी सकुशल चाईबासा लेकर आई है. वर्तमान में उसे सखी वन स्टॉप सेंटर, चाईबासा में सुरक्षित रखा गया है तथा गिरिडीह में रह रहे उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है. जल्द ही उसे भी परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा.
पुलिस अधीक्षक का संदेश
चाईबासा पुलिस अधीक्षक ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पूरी टीम की पीठ थपथपाई और उनके कार्यों की सराहना की. इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई से स्थानीय जनता के बीच चाईबासा पुलिस की एक संवेदनशील और रक्षक की छवि और मजबूत हुई है.
