Ranchi: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने आज आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक कर खाद्यान्न भंडारण, उठाव और वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, पणन पदाधिकारी और राइस मिलर मौजूद रहे. बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी गोदामों में खाद्यान्न का रख-रखाव व्यवस्थित तरीके से किया जाए तथा समय पर उठाव और वितरण सुनिश्चित हो. उन्होंने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लाभुकों को मिलने वाले खाद्यान्न वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया.
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धान खरीद का 95 प्रतिशत लक्ष्य पूरा
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 3.50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके मुकाबले 3.33 लाख क्विंटल यानी करीब 95 प्रतिशत धान की खरीद पूरी कर ली गई है. उपायुक्त ने सभी राइस मिलरों को 10 जून 2026 तक शत-प्रतिशत सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) जमा करने का निर्देश दिया.
पीडीएस दुकानों की होगी नियमित जांच
उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को गोदामों का नियमित भौतिक सत्यापन करने और अभिलेखों की जांच करने का निर्देश दिया. साथ ही सभी पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण एवं पंजी सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा. प्रत्येक प्रखंड में पीडीएस दुकानदारों के साथ हर महीने कम से कम एक बैठक आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया.
जिले में 2017 पीडीएस दुकानें संचालित
बैठक में बताया गया कि रांची जिले में वर्तमान में कुल 2017 पीडीएस दुकानें संचालित हैं, जिनमें 1471 ग्रामीण और 546 शहरी क्षेत्र की दुकानें शामिल हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अप्रैल 2026 में 91.82 प्रतिशत और मई 2026 में 90.62 प्रतिशत लाभुकों को खाद्यान्न वितरित किया गया. वहीं लाभुकों के ई-केवाईसी का कार्य 77.87 प्रतिशत पूरा हो चुका है.
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विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत खाद्यान्न वितरण, सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना, नमक वितरण योजना, चना दाल वितरण योजना तथा मुख्यमंत्री दाल-भात योजना की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री दाल-भात योजना के 32 केंद्र संचालित हैं. इसके अलावा 14 गोदामों की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और स्मार्ट पीडीएस प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न वितरण जारी है.


