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चतरा में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं मिल रहा पर्याप्त तेल

Report: Suryakant Kamal Chatra: पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बोझ से वाहन संचालक अभी पूरी तरह उबर भी नहीं...

Chatra
पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़

Report: Suryakant Kamal

Chatra: पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बोझ से वाहन संचालक अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं, कि अब चतरा जिले में उत्पन्न ईंधन संकट ने उनकी परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है. एक ओर महंगे पेट्रोल-डीजल का आर्थिक दबाव झेल रहे लोग पहले से ही परेशान थे, वहीं दूसरी ओर पंपों पर तेल की किल्लत ने उन्हें घंटों कतार में खड़े रहने और एक पंप से दूसरे पंप का चक्कर लगाने को मजबूर कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि आवश्यक कार्यों के लिए भी लोगों को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे आमजन, किसान, व्यापारी और वाहन संचालक परेशान हैं.

कई पेट्रोल पंपों पर लगी सुबह से ही वाहनों की लंबी-लंबी कतारें

जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बनी हुई है. ईंधन संकट के कारण आम लोगों, वाहन चालकों, किसानों, व्यवसायियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिले के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि कई पंपों पर मशीन खराब है या तेल उपलब्ध नहीं है का बोर्ड टंगा हुआ है. स्थिति यह है कि लोग घंटों लाइन में लगने के बावजूद पेट्रोल और डीजल नहीं भरवा पा रहे हैं. बाइक और चारपहिया वाहन चालकों का आरोप है कि कई पेट्रोल पंप संचालक सीमित मात्रा में ही ईंधन दे रहे हैं. वहीं कुछ स्थानों पर कार चालकों को ईंधन नहीं दिए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर जिला प्रशासन और सरकार की ओर से जिले में पर्याप्त पेट्रोल-डीजल स्टॉक उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आ रही है. यदि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो फिर आम लोगों को ईंधन के लिए इतनी मशक्कत क्यों करनी पड़ रही है, यह बड़ा सवाल बन गया है?

रात के अंधेरे में डीजल और पेट्रोल की कालाबाजारी करने का आरोप

लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा रात के अंधेरे में डीजल और पेट्रोल की कालाबाजारी की जा रही है. आरोप है कि खुले बाजार में ऊंचे दामों पर ईंधन बेचे जाने के कारण दिन के समय पंपों पर कृत्रिम संकट उत्पन्न हो रहा है. लगातार बन रही संकट की स्थिति ने लोगों के बीच कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है. ईंधन संकट का असर दैनिक जीवन पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है. निजी वाहन चालकों के अलावा मालवाहक वाहनों, यात्री बसों, कृषि कार्यों में लगे ट्रैक्टरों और अन्य व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. कई लोगों ने बताया कि जरूरी कार्यों के लिए उन्हें अलग-अलग पेट्रोल पंपों का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

लोगों का आरोप है कि जिन पेट्रोल पंपों पर लगातार मशीन खराब होने या स्टॉक समाप्त होने की बात कही जा रही है, वहां विशेष जांच अभियान चलाया जाए. साथ ही यदि किसी पंप संचालक की भूमिका कालाबाजारी या कृत्रिम संकट पैदा करने में पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. जिले में लगातार गहराते पेट्रोल-डीजल संकट ने न केवल आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और ईंधन आपूर्ति तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है, कि आखिर इस समस्या का समाधान कब और कैसे निकाल पाता है.

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