Ranchi: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजधानी रांची का सियासी पारा हाई हो गया है. कांग्रेस द्वारा दिल्ली से अचानक वरिष्ठ संगठनात्मक चेहरा प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद रांची की सरगर्मियां बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ी हुई हैं. टिकट की मुहर लगते ही प्रणव झा सीधे रांची पहुंचे और पुराना विधानसभा परिसर में आयोजित कांग्रेस पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की हाई-प्रोफाइल बैठक में शामिल हुए. शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने बेहद सधे अंदाज में कहा कि वे जनता और आलाकमान की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरेंगे.

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असमंजस में कांग्रेस
प्रणव झा भले ही आभार जता रहे हों, लेकिन उनके सामने डगर इतनी आसान नहीं है. असली ट्विस्ट सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के उस रुख से आया है, जिसमें उसके दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट तेज है. जेएमएम के इस दांव ने कांग्रेस खेमे के भीतर गहरी असमंजस और बेचैनी पैदा कर दी है. गणित साफ है, कांग्रेस के अपने 16 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 28 वोटों के जादुई आंकड़े की जरूरत है. ऐसे में जेएमएम के बचे हुए 6 वोट, आरजेडी के 4 और माले के 2 विधायकों का समर्थन ही प्रणव झा की नैया पार लगा सकता है.
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शाम 7 बजे की बैठक पर टिकी नजरें
इस सियासी उलझन को सुलझाने के लिए कांग्रेस ने आज शाम 7 बजे अपने विधायक दल की आपात बैठक बुलाई है. इस महामंथन में आंतरिक एकजुटता और वोट शेयरिंग के गणित पर रणनीति बनेगी. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक के तुरंत बाद कांग्रेस का एक शीर्ष प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर गठबंधन धर्म और समर्थन के अंतिम फॉर्मूले पर दो-टूक बात कर सकता है.
