Ranchi: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री से मिलने सीएम आवास गया है. प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वित्तमंत्री से मिलकर अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराएंगे. इसके बाद आगे की आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी. वित्तमंत्रीयदि प्रतिनिधिमंडल की बातों को मानते हैं तो आंदोलनकर्मी वापस लौट जाएंगे, नहीं तो आंदोलन जारी रहेगी. आज आंदोलनकर्मी दो बैरिकेडिंग हटा कर सीएम आवास जा रहे थे लेकिन रांची पुलिस ने तीसरे बैरिकेडिंग को पार होने से पहले उन्हें रोक दिया. राजधानी रांची में आज करीब 8 से 10 हजार की संख्या में आंदोलनकारी जमा हुए हैं. यह आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की फिराक में थे. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा द्वारा अपनी विभिन्न मांगों और अधिकारों को लेकर बुधवार को किए गए उग्र प्रदर्शन के कारण राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. इसके चलते राहगीरों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा.
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पेंशन और आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की मांग
झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के बैनर तले सुबह से ही हजारों की संख्या में झारखंड आंदोलनकारी और उनके परिजन सड़कों पर उतर आए. आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य गठन के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका वास्तविक हक और सम्मान नहीं मिला है. वे अपनी मांगों में मुख्य रूप से आंदोलनकारियों को समान पेंशन, राजकीय सम्मान, पहचान पत्र जारी करने, जेल जाने की बाध्यता को खत्म करने और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा.
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