Ranchi: राज्यसभा चुनाव के निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी का नामांकन स्वीकार किए जाने के बाद कांग्रेस मुख्यालय में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान बीजेपी और निर्वाचन आयोग पर जमकर निशाना साधा गया. राज्य के वित्तमंत्री सह कांग्रेस नेता राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि परिमल नाथवाणी के आवेदन में बड़ी-बड़ी तकनीकी खामियां रही लेकिन उसके बाद भी केंद्रीय निर्वाचन आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन स्वीकार कर लिया. बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने किस तरह से काम किया इसे समझने की जरूरत है. अगर परिमल नाथवानी जीत जाते हैं तो बीजेपी की झोली में सीट जाएगी, अगर हारे तो वह बीजेपी के उम्मीदवार नहीं थे, का बखान किया जाएगा. राधाकृष्ण किशोर ने आरोप लगाया कि देश में दो निर्वाचन आयोग चल रहा है. एक देश का निर्वाचन आयोग और दूसरा निर्वाचन आयोग निर्दलीय उम्मीदवार का. चुनाव आयोग का फॉर्मेंट बिल्कुल साफ है, लेकिन यहां पर नाथवानी का फॉर्मेट चल रहा है. यह राजनीतिक फॉर्मेट है. वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परिमल नाथवाणी के नामांकन पत्र में कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गई थी. रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से 11 बजे का समय दिया गया जबकि मप्र में मीनाक्षी नटराजन को कोई समय नहीं दिया गया.

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार के 12 साल, जनता बदहाल: झारखंड कांग्रेस का केंद्र पर निशाना
हमारे पास 56 विधायकों का समर्थन: सुप्रियो भट्टाचार्य
वहीं झामुमो केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हमलोगों ने पहले ही निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई थी. लेकिन आपत्तियों को खारिज कर दिया गया. सुप्रियो भट्टाचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी को पता था कि वह चुनाव नहीं जीतेगी. इसके बाद भी बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार दे दिया. हम एकजुट हैं. हमारे पास 56 विधायकों का समर्थन है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो दिनों तक झारखंड में रहे. बीजेपी ने पहले कहा कि हम उम्मीदवार की घोषणा जल्द करेंगे. पीएम के आर्थिक परिषद के सदस्य गौरव वल्लभ रांची आते हैं और पर्चा खरीदते हैं. लेकिन इसके बाद निर्दलीय परिमल नाथवानी को बीजेपी ने समर्थन दे दिया.


यह भी पढ़ें: सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी, झारखंड में पूजा-अर्चना और जश्न
