Ranchi: झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत काम करने वाली स्वायत्त संस्था ‘झारखंड एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ (JAP-IT / जैप-आईटी) ने मैनपावर रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत कार्यरत 12 विभिन्न एजेंसियों को बड़ी राहत देते हुए उनके अनुबंध की अवधि को आगे बढ़ा दिया है. जैप-आईटी के सीईओ चंदन कुमार के द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बाद इस अनुबंध को 31 जुलाई 2026 तक के लिए विस्तारित किया गया है.
इन 12 एजेंसियों की बढ़ी अनुबंध अवधि
1. मेसर्स ब्लूम सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड

2. मेसर्स एवरग्रीन सर्विसेज़
3. मेसर्स M4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
4. मेसर्स ऐप्टाड टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड
5. मेसर्स राजप्रताप कंसल्टेंसी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड
6. मेसर्स फ्रंटलाइन एक्स-सर्विसमैन ब्यूरो
7. मेसर्स फ्रंटलाइन (NCR) बिज़नेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
8. मेसर्स शिवा प्रोटेक्शन फ़ोर्स प्राइवेट लिमिटेड
9. मेसर्स बालाजी डिटेक्टिव फ़ोर्स
10. मेसर्स बिरसा सिक्योरिटी एंड सर्विस सेटलमेंट
11. मेसर्स रेडर सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड
12. मेसर्स कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स
एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी बैंक गारंटी
जैप-आईटी द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित एजेंसियों को विस्तारित अवधि के लिए पूर्व में समर्पित मूल्य की ही बैंक गारंटी या परफॉर्मेंस बैंक गारंटी पत्र जारी होने के एक सप्ताह के भीतर जैप-आईटी कार्यालय में जमा करनी होगी. इसके साथ ही यह विस्तार पूर्व में निष्पादित एकरारनामा में वर्णित नियमों और शर्तों के अनुरूप ही मान्य होगा.
जांच में दोषी पाए जाने पर तुरंत रद्द होगा कॉन्ट्रैक्ट
सरकार ने राहत देने के साथ-साथ एजेंसियों पर नकेल भी कसी है। पत्र में कड़े शब्दों में चेतावनी दी गई है कि, विस्तारित अवधि का लाभ किसी भी एजेंसी के पक्ष में लंबित शिकायत, जांच अथवा विवाद के संबंध में किसी प्रकार का बचाव, छूट अथवा अधिकार-सृजन के रूप में नहीं माना जाएगा. जिन एजेंसियों पर वर्तमान में जांच चल रही है, यदि वे जांच में दोषी पाई जाती हैं, तो JAP-IT द्वारा अनुबंध विस्तार को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही राशि वसूली और अन्य आवश्यक कानूनी व संविदात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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