Giridih : जिले में अपराध नियंत्रण, गंभीर मामलों के त्वरित निष्पादन और अनुसंधान की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गिरिडीह पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल की शुरुआत की है. पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर जिले में पहली बार विशेष इन्वेस्टीगेशन सेल (Special Investigation Cell) का गठन किया गया है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य संवेदनशील और जटिल मामलों की गहन, वैज्ञानिक तथा पेशेवर तरीके से जांच सुनिश्चित करना है, ताकि अपराधियों तक शीघ्र पहुंच बनाई जा सके और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके. पुलिस अधीक्षक की इस पहल को जिले में आधुनिक और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. अब तक गंभीर मामलों की जांच का पूरा दायित्व संबंधित थाना पुलिस पर ही होता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद विशेष जांच टीम भी ऐसे मामलों में सक्रिय भूमिका निभाएगी और थाना पुलिस को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी.
अब बड़ी वारदातों की जांच करेगी स्पेशल टीम,
जानकारी के अनुसार, नवगठित इन्वेस्टीगेशन सेल को दो भागों में विभाजित किया गया है. पहला सेल गिरिडीह पुलिस मुख्यालय में कार्य करेगा, जिसमें सात सदस्यीय टीम को शामिल किया गया है. वहीं दूसरा सेल खोरीमहुआ अनुमंडल में स्थापित किया गया है, जहां पांच सदस्यीय टीम तैनात रहेगी. दोनों टीमों में अनुभवी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को शामिल किया गया है, जिन्हें अनुसंधान और तकनीकी जांच का अनुभव है. विशेष इन्वेस्टीगेशन सेल की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि जिले में होने वाली किसी भी बड़ी, चर्चित या संवेदनशील घटना के बाद यह टीम तत्काल सक्रिय होकर जांच प्रक्रिया में शामिल होगी. हत्या, डकैती, साइबर अपराध, महिला उत्पीड़न, संगठित अपराध तथा अन्य गंभीर मामलों में यह टीम साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल जांच और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी. पूरे सेल की निगरानी एक डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी, जिन्हें जांच की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि अनुसंधान के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण पहलू की अनदेखी न हो और सभी प्रक्रियाएं कानूनी मानकों के अनुरूप पूरी की जाएं.

गिरिडीह पुलिस की नई पहल
पुलिस विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अनुसंधान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा. आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी आएगी, वहीं न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य भी अधिक मजबूत होंगे. इससे मामलों के निष्पादन की गति बढ़ेगी और दोषियों को सजा दिलाने की संभावना भी मजबूत होगी. जिले में पहली बार इस तरह की विशेष जांच इकाई के गठन से आम लोगों में भी सकारात्मक संदेश गया है. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अधीक्षक की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने वाला कदम बताया है. उम्मीद जताई जा रही है कि विशेष इन्वेस्टीगेशन सेल के गठन से गिरिडीह में अपराध नियंत्रण को नई मजबूती मिलेगी और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा.
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