Ranchi : झारखंड राज्यसभा चुनाव की बिसात बिछते ही महागठबंधन के खेमे में सियासी हलचल तेज हो गई है. दिल्ली की राह आसान करने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. सहयोगियों को लामबंद करने की कड़ी में प्रणव झा सोमवार को सीधे पटना पहुंचे. जहां उन्होंने राजद के कद्दावर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात की. झारखंड विधानसभा में राजद के 4 विधायक हैं. आंकड़ों के इस खेल में राजद का रुख बेहद निर्णायक है. यही वजह है कि प्रणव झा खुद चलकर तेजस्वी के द्वार पहुंचे और जीत के लिए समर्थन मांगा.
माले का मिला साथ
राजद से पहले प्रणव झा वामपंथी मोर्चे को साधने में कामयाब रहे. उन्होंने भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से मुलाकात की थी. जिसके तुरंत बाद माले ने कांग्रेस उम्मीदवार को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया. दीपांकर भट्टाचार्य ने साफ लफ्जों में कहा था कि झारखंड में भाजपा के किसी भी सियासी मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है.

क्या कहता है समीकरण
झारखंड की इस सियासी जंग में नंबर गेम सबसे अहम है. माले के साथ के बाद अब राजद का समर्थन मिलते ही महागठबंधन की स्थिति बेहद मजबूत हो जाएगी. प्रणव झा बिना कोई वक्त गंवाए सहयोगियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं ताकि भाजपा के चक्रव्यूह को तोड़ा जा सके. आने वाले दिन तय करेंगे कि झा की यह डिनर और डोर-टू-डोर डिप्लोमेसी कांग्रेस को राज्यसभा की सीट दिलाने में कितनी कारगार साबित होती है.

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