Ranchi: झारखंड की सियासत में पल-पल बदलते समीकरणों के बीच बीजेपी विधायक प्रकाश राम के स्वास्थ्य ने एनडीए खेमे की धड़कनें बढ़ा दी हैं. राजधानी के पारस अस्पताल में भर्ती लातेहार विधायक प्रकाश राम को मंगलवार सुबह डिस्चार्ज तो कर दिया गया, लेकिन कमजोरी के कारण वे तय कार्यक्रम के मुताबिक होटल रेडिसन ब्लू नहीं पहुंच सके. प्रकाश राम की यह गैर-मौजूदगी सिर्फ एक मेडिकल लीव है या फिर किसी नए सियासी ‘ट्विस्ट’ का प्रीव्यू, इसे लेकर झारखंड के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.
क्यों है कयासों का बाजार गर्म
दरअसल, प्रकाश राम का राजनीतिक सफर दलबदल और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की एक जीती-जागती मिसाल रहा है. साल 2014 में उन्होंने झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के टिकट पर चुनावी दंगल जीता था. लेकिन, 2019 के आते-आते उन्होंने हवा का रुख भांपते हुए झाविमो का साथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया. 2024 के विधानसभा चुनाव में तो उन्होंने लातेहार सीट पर वो कारनामा कर दिखाया जिसकी गूंज आज भी है,महज 434 वोटों के बेहद करीबी और सांस रोक देने वाले अंतर से झामुमो के कद्दावर नेता बैद्यनाथ राम को हराकर वे दोबारा विधानसभा पहुंचे. यही वजह है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी रेडिसन ब्लू न पहुंचकर आराम करने के उनके फैसले को विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही अलग-अलग चश्मे से देख रहे हैं। फिलहाल, एनडीए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है.
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