Ranchi: राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा, कि जो पार्टी देशभर में सरकारें बनाने और विधायकों को तोड़ने का दावा करती रही है, आज वही अपने विधायकों को संभालने के लिए उन्हें एक जगह “नजरबंद” रखने को मजबूर है.
विधायकों को निगरानी में रखने की जरूरत क्यों?
सोनाल शांति ने सवाल किया कि आखिर भाजपा को किस बात का डर सता रहा है? यदि पार्टी में सब कुछ ठीक है, तो विधायकों को राजधानी में एकत्र कर निगरानी में रखने की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व को अपने ही विधायकों की निष्ठा पर भरोसा नहीं है.
झारखंड में भाजपा असहज स्थिति में
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि धनबल और सत्ता के दम पर दूसरे राज्यों की राजनीति को प्रभावित करने वाली भाजपा झारखंड में खुद असहज स्थिति में नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा बाहर से एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अंदरखाने असंतोष और मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं.
सोनाल शांति ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों को व्यापक समर्थन मिलेगा. उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव केवल राज्यसभा की दो सीटों का नहीं, बल्कि झारखंड की प्रतिष्ठा, अस्मिता और राजनीतिक स्वाभिमान की लड़ाई है.
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