Ranchi/Delhi: झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर देशभर में राज्य का नाम रोशन किया है. नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर और नवाचारी कामों के लिए देश का प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड दिया गया. झारखंड को यह सम्मान दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला है. यह पुरस्कार एचबीएनसी/एचबीवाईसी कार्यक्रम और प्रचार वाहन (TIT) नवाचार के लिए दिया गया. नई दिल्ली के पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित समारोह में एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने यह सम्मान ग्रहण किया. उनके साथ आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह, अकय मिंज, अजय कुमार शर्मा, विकास नाथ, एकजुट और प्रीतीश नायक (यूनिसेफ) भी मौजूद रहे.
‘सहिया ऐप’ और ‘शिशु पोषण ट्रैकर’ से निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रचार वाहन नवाचार अभियान के तहत राज्य के 24 जिलों में 24 विषयों पर विशेष प्रचार वाहन चलाए गए. ये वाहन करीब 4 महीने तक गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देते रहे. साथ ही, इन वाहनों के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 192 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 5,576 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया. विभाग को एचबीएनसी और एचबीवाईसी कार्यक्रम में बेहतर काम के लिए भी सम्मान मिला. बताया गया कि सहियाओं और सेविकाओं के संयुक्त प्रयास से एमटीसी और एसएनसीयू में रेफरल दर में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. अब ‘सहिया ऐप’ और ‘शिशु पोषण ट्रैकर’ के जरिए बच्चों और माताओं की डिजिटल निगरानी की जा रही है, जिससे इलाज और फॉलो-अप को बेहतर बनाया जा रहा है.

‘उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को’
अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन को दिया. उन्होंने कहा कि विभाग लगातार ऐसे नवाचार कर रहा है, ताकि गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकें और लोगों को कम खर्च में इलाज मिल सके. गौरतलब है कि स्कॉच अवार्ड देश का एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो बेहतर शासन, डिजिटल नवाचार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली संस्थाओं और सरकारी विभागों को दिया जाता है.
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