Hazaribagh: जिले के चुरचू प्रखंड की चरही पंचायत स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय परिसर में वर्ष 2017-18 में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 500 बेड क्षमता वाला महिला छात्रावास नौ वर्ष बाद भी उपयोग में नहीं आ सका है. भवन का अब तक किसी विभाग को विधिवत हस्तांतरण नहीं हुआ है, जिसके कारण इसमें एक भी छात्रा का आवास शुरू नहीं हो पाया है. मामले की सबसे बड़ी बात यह है कि भवन का निर्माण किस विभाग, किस योजना और किस मद से कराया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी भी संबंधित विभाग के पास उपलब्ध नहीं है. इसे लेकर जिम्मेदारी भी तय नहीं हो सकी है.
शिक्षा विभाग ने किया किनारा
जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने कहा कि यह भवन शिक्षा विभाग के अधीन नहीं है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला कल्याण पदाधिकारी से भी जानकारी ली गई, लेकिन वहां से भी स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी. जानकारी के अनुसार, कल्याण विभाग के पुराने कर्मचारियों का भी कहना है कि चुरचू प्रखंड में विभाग द्वारा किसी छात्रावास का निर्माण नहीं कराया गया है. ऐसे में भवन निर्माण की जिम्मेदारी को लेकर सवाल और गहरा गया है.

सभी सुविधाओं के बावजूद नहीं हो सका उपयोग
तीन मंजिला छात्रावास में कैंटीन, डाइनिंग हॉल, पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसका निर्माण दूरदराज की छात्राओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन हैंडओवर नहीं होने के कारण भवन आज तक खाली पड़ा है.
रखरखाव के अभाव में जर्जर हो रहा भवन
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के बाद भवन की देखरेख नहीं की गई. पहले परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बना रहा और अब रखरखाव के अभाव में भवन की दीवारों और संरचना पर भी जर्जरता के निशान दिखाई देने लगे हैं. करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती जा रही है.
ALSO READ : कोडरमा: मरकच्चो थाना को मिले नए प्रभारी, बमबम कुमार ने संभाला कार्यभार


