Click Here

बजट सत्रः अगर आदिवासी की जमीन को बचाना पड़े तो असमाजिक तत्व बनेंगेः बाबूलाल

रांची: विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमलाल मुर्मू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा...

रांची: विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमलाल मुर्मू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नगड़ी में जो रिम्स टू बनाया जाना है, वह खेती की जमीन है और आदिवासियों की जमीन है. उन्होंने कहा कि अगर इसे बचाने के लिए असामाजिक तत्व बनना पड़े तो भी बनेंगे. रिम्स टू को 10 किलोमीटर दूर भी बनाया जा सकता है.

बजट को बताया कॉपी-पेस्ट

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वित्त मंत्री और वित्त विभाग के बीच तालमेल नहीं है. पिछले बजट और नए बजट को कॉपी-पेस्ट कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि 28 अप्रैल 2023 को एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी, लेकिन इससे कितने लोगों को लाभ मिला यह सरकार को बताना चाहिए.

Also Read: पीएम मोदी हो चुके हैं ‘कॉम्प्रोमाइज’, सदन में बोलने नहीं दिया जाता : राहुल गांधी

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि एंबुलेंस नहीं होने के कारण एक पिता को अपने बच्चे के शव को डिब्बे में लेकर जाना पड़ा. यह बेहद शर्मनाक है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि सचेत हो जाइए, जागिए और काम कीजिए. स्वास्थ्य सेवाओं में पद रिक्त नहीं रहने चाहिए.

65 फीसदी से ज्यादा महिलाएं और बच्चे एनिमिया के शिकार

बाबूलाल मरांडी ने आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में 67.5 फीसदी बच्चे और 65.3 फीसदी महिलाएं एनिमिया की शिकार हैं. डॉक्टरों के 45 फीसदी पद रिक्त हैं, जबकि ए ग्रेड नर्स के 38.9 फीसदी पद खाली हैं.

स्वास्थ्य योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े अस्पतालों को लाभ पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत कार्ड योजना में बदलाव किया गया. दवा खरीद में गड़बड़ी हुई और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी अनियमितताएं हुईं. चाईबासा में पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

Also Read: रांची : ED मामले में हाईकोर्ट के CBI जांच आदेश से मचा सियासी घमासान, बाबूलाल मरांडी बोले– ‘सच्चाई सामने आएगी, दोषी नहीं बचेंगे’

थैलेसिमिया मरीजों की संख्या पर चिंता

उन्होंने कहा कि राज्य में 11 हजार से अधिक थैलेसिमिया के मरीज हैं. इसके अलावा 11 लाख से अधिक लोगों को साड़ी-धोती योजना का लाभ नहीं मिला है.

राशन वितरण व्यवस्था पर भी सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पिछले आठ महीने से दाल और नमक नहीं मिल रहा है. चीनी का वितरण भी नहीं हो रहा है. धान खरीद की प्रक्रिया धीमी है.

राशन घोटाले का लगाया आरोप

उन्होंने कहा कि बरहेट के जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने आदिम जनजातियों के राशन का गबन किया. इसके एवज में उसे एक करोड़ नौ लाख रुपये जमा करने का आदेश दिया गया, लेकिन अब तक पैसा जमा नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सेटिंग कर भ्रष्ट लोगों को बचा रही है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *