Ranchi: सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के साथ बुधवार को फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सीएम ने न केवल सकारात्मक आश्वासन दिया, बल्कि संबंधित विभागों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं.
बाईपास निर्माण का भरोसा
गिरिडीह शहर की दमघोंटू ट्रैफिक व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों में बाधा बनी ‘नो-एंट्री’ की समस्या को सीएम ने अत्यंत संवेदनशीलता से लिया है. चैंबर के कोयलांचल क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, कि शहरी व्यापार और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स के बीच संतुलन जरूरी है. न्यू गिरिडीह रेलवे साइडिंग से कच्चे माल की ढुलाई को सुगम बनाने के लिए बाईपास सड़क निर्माण की मांग को सीएम ने प्राथमिकता सूची में रखने का संकेत दिया है. यह पहल न केवल शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि उद्योगों की परिचालन लागत को भी कम करेगी.

औद्योगिक प्यास बुझाने की दिशा में पहल
पानी की कमी औद्योगिक विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा रही है. सीएम हेमंत सोरेन ने मलयपुर (बलखाडीह) बांध परियोजना को पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया. यह परियोजना सिर्फ उद्योगों के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की सिंचाई और पेयजल की समस्या के समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगी. पश्चिम बंगाल सरकार से एनओसी प्राप्त करने के लिए केंद्र स्तर पर पैरवी करने का सीएम ने भरोसा दिया है. इससे न केवल मौजूदा उद्योगों को स्थिरता मिलेगी, बल्कि भविष्य के निवेश का मार्ग भी प्रशस्त होगा.
रेल परियोजनाओं को मिलेगी गति
व्यापारिक आवाजाही और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को मुख्यमंत्री ने विकास की अनिवार्य शर्त बताया है. गिरिडीह से कोलकाता और पटना के लिए बंद पड़ी रेल सेवाओं को बहाल करने की मांग को उन्होंने व्यापारिक हित में जरूरी माना. वहीं, पारसनाथ–मधुबन–सरायगढ़–न्यू गिरिडीह रेल लाइन के लिए राज्य सरकार द्वारा शीघ्र राशि उपलब्ध कराने की बात कही है. यह रेल परियोजना संथाल परगना से लेकर रांची तक के औद्योगिक गलियारे को जोड़कर राज्य के आर्थिक एकीकरण को मजबूती प्रदान करेगी.
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