Ranchi: गैगस्टर अमन श्रीवास्तव को ATS के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत से जमानत मिल गयी. ATS ने लेवी के पैसे से हथियार खरीदकर आतंक फैलाने लिए गोलीबारी व आगजनी कर व्यवसायियों ठेकेदारों में खौफ पैदा करने का आरोप लगाते हुए एटीएस थाना में प्राथमिकी दर्ज की थी. बाद में झारखंड पुलिस की आंतकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने अमन श्रीवास्तव के खिलाफ रंगदारी मांगने से जुड़े आरोप में एक और केस दर्ज किया था. वर्तमान में गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद है. उस पर इसके अलावा भी अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज है.
एटीएस थाना में अमन श्रीवास्वत सहित 15 आरोपियों पर दर्ज है प्राथमिकी
ATS थाने में गैगस्टर अमन श्रीवास्तव के अलावा उसका भाई अभिक श्रीवास्तव, बहनोई चंद्रप्रकाश राणू, बहन मंजरी श्रीवास्तव, चचेरा भाई प्रिंसराज श्रीवास्तव, सहयोगी विनोद कुमार पांडेय, जहीर अंसारी, फिरोज खान उर्फ साना खान, मजमूद उर्फ नेपाली, असलम, सिद्धार्थ साहू सहित 15 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है.
एटीएस ने दर्ज प्राथमिकी में इस बात का जिक्र किया है कि ये अपराधी रंगदारी व लेवी के माध्यम से पैसे जुटाते हैं और उससे हथियार खरीदकर आतंक कायम करने के लिए अपने सहयोगियों के माध्यम से दहशत फैलाते हैं. गोली-बारी व आगजनी कर ये व्यवसायियों, ठेकेदारों में खौफ कायम करते हैं.

हवाला के माध्यम से लेवी-रंगदारी के पैसे मंगवाता है अमन श्रीवास्तव
ATS की अब तक की छानबीन में इस बात का खुलासा हुआ है कि अमन श्रीवास्तव खुद कभी भी न तो कोई कांड करता है और न ही लेवी ही वसूलता है. वह अपने गुर्गों-सहयोगियों के माध्यम से दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी व आगजनी आदि की घटना को अंजाम दिलाता है और रंगदारी व लेवी वसूलवाता है.
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अपने रिश्तेदारों तक मंगवाता है लेवी की राशि
रंगदारी के रूप में मिलने वाली राशि भी वह स्वयं नहीं लेता. हवाला के माध्यम से अपने रिश्तेदारों तक लेवी की राशि मंगवाता है. पूर्व में टाटा माइंस, एलएंडटी में फायरिंग आदि की घटनाओं में इस गिरोह की संलिप्तता रही है. एटीएस की टीम इस गिरोह के फंडिंग, आर्थिक स्रोत व हवाला चैनल का भी पता लगा रही है.


