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रांची: JSCA को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 2016 स्टेडियम हादसे में मुआवजे की जिम्मेदारी Valmont और ठेकेदार पर डाली

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में रांची के JSCA अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में फ्लडलाइट की मरम्मत के दौरान तीन तकनीशियनों की...

Ranchi: Jharkhand High Court gives JSCA a major reprieve, puts the responsibility of compensation for the 2016 stadium accident on Valmont and the contractor.

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में रांची के JSCA अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में फ्लडलाइट की मरम्मत के दौरान तीन तकनीशियनों की मौत से जुड़े मुआवजा मामले में अहम फैसला सुनाया है. न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने लेबर कोर्ट के आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि मृतकों का प्रधान नियोक्ता (Principal Employer) Valmont Structures India Private Limited और तत्काल नियोक्ता (Immediate Employer) ठेकेदार गुलाब खान थे. इसलिए कर्मचारियों के मुआवजे की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होगी. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) का कार्य क्रिकेट का संचालन और प्रबंधन करना है. फ्लडलाइट की स्थापना, मरम्मत और विद्युत कार्य उसका नियमित व्यवसाय नहीं है, जबकि Valmont इसी प्रकार के कार्यों से जुड़ी कंपनी है. ऐसे में दुर्घटना से संबंधित कार्य Valmont के व्यापार का हिस्सा था और वही इस मामले में प्रधान नियोक्ता मानी जाएगी.

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क्या है पूरा मामला?

मामला 7 सितंबर 2016 का है, जब जेएससीए स्टेडियम में फ्लडलाइट की मरम्मत के दौरान लगभग 60 मीटर ऊंचाई पर ट्रॉली टूटने से तीन इलेक्ट्रिकल तकनीशियन—मोहम्मद इफ्तेखार, शाहबाज अंसारी उर्फ शहजादा खान और अलीम अंसारी की मौके पर ही मौत हो गई थी. परिजनों ने कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत लेबर कोर्ट में दावा दायर किया था. लेबर कोर्ट ने वर्ष 2023 में तीनों मामलों में मृतकों के आश्रितों को लगभग 15.67 लाख रुपये प्रति मामले के हिसाब से मुआवजा देने का आदेश दिया था और इसकी जिम्मेदारी JSCA पर डालते हुए उसे राशि का भुगतान कर बाद में Valmont और ठेकेदार से वसूली करने की छूट दी थी.

Valmont और ठेकेदार से मुआवजा राशि वसूल सकता है JSCA

हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध एफआईआर, चार्जशीट और गवाहों के बयानों से यह साबित होता है कि तीनों मृतक Valmont Structures India Private Limited के लिए कार्य कर रहे थे तथा गुलाब खान उसका सब-कॉन्ट्रैक्टर था. इसलिए कर्मचारी और नियोक्ता का संबंध Valmont तथा गुलाब खान के साथ स्थापित होता है. अदालत ने यह भी नोट किया कि JSCA पहले ही लेबर कोर्ट के आदेश के अनुसार मुआवजे की राशि का भुगतान कर चुकी है. अब JSCA को यह स्वतंत्रता रहेगी कि वह लेबर कोर्ट में लंबित वसूली कार्यवाही जारी रखते हुए Valmont Structures India Private Limited और गुलाब खान से भुगतान की गई पूरी राशि की वसूली करे. इस आदेश के साथ हाईकोर्ट ने JSCA की तीनों अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया, जबकि Valmont Structures India Private Limited की तीनों अपीलों को खारिज कर दिया.

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