Ranchi : राजधानी रांची के विकास की दिशा और दशा तय करने के लिए आयोजित नगर निगम परिषद की बैठक हंगामे और मंथन का केंद्र बन गई. शहर के कायाकल्प के लिए 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ ही यह बैठक सुरक्षा और वित्तीय अवरोधों के तीखे सवालों के बीच सिमट गई. एक ओर जहां जनप्रतिनिधियों ने शहर को भविष्य के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ढालने का खाका खींचा. वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के अभाव और कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति पर तीखी बहस भी देखने को मिली.
विकास का रोडमैप और हेल्थ हब की कवायद
बैठक के दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची के नियोजित विकास पर जोर देते हुए इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के बीच शहर की आधारभूत संरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना समय की मांग है. आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने प्रत्येक वार्ड में ओपन जिम स्थापित करने का ठोस प्रस्ताव रखा, ताकि खेल-कूद और फिटनेस को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा दिया जा सके.

पुलिस कमिश्नर प्रणाली की गूंज
शहर में बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संजय सेठ ने एक बड़ा दांव खेला. उन्होंने रांची में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की पुरजोर मांग की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बढ़ती चोरी, लूट और डकैती जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए मौजूदा व्यवस्था नाकाफी है. कमिश्नर प्रणाली लागू होने से न केवल अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी, बल्कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा का दायरा भी और अधिक मजबूत होगा.
बकाया राशि पर आर-पार
विकास के दावों के बीच राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा राज्य का बकाया भुगतान नहीं किए जाने से रांची की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं फाइलों में दम तोड़ रही है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर समय पर फंड जारी हो जाए, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है.
सुविधाओं का डार्क साइड
बैठक केवल नीतिगत फैसलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पार्षदों के बीच जमीनी हकीकत को लेकर तीखी नाराजगी भी दिखी. बैठक के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि नगर निगम द्वारा अब तक मच्छर जनित रोगों के रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव जैसी बुनियादी व्यवस्था भी पूरी तरह सुचारू नहीं है. जिससे आम जनता त्रस्त है. इस बैठक में मेयर रोशनी खलखो, उप-महापौर, विधायक सी.पी. सिंह समेत सभी 53 वार्डों के पार्षदों की उपस्थिति रहे.
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