Hazaribagh : शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले छड़वा डैम के फाटकों की 66 वर्षों में पहली बार व्यापक मरम्मत शुरू कर दी गई है. वर्ष 1960 में बने इस डैम की लंबे समय तक उपेक्षा होने के कारण इसकी स्थिति जर्जर हो गई थी. अब नगर निगम की पहल पर डैम के क्षतिग्रस्त फाटकों और चैनल की मरम्मत का कार्य शुरू होने से शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के मजबूत होने की उम्मीद जगी है.
1960 में हुआ था डैम का निर्माण
DVC द्वारा लगभग 465 एकड़ भूमि पर छड़वा डैम का निर्माण वर्ष 1960 में हजारीबाग शहर को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था. वर्षों तक यही डैम शहर की जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत बना रहा, लेकिन समय के साथ इसकी देखरेख नहीं होने से डैम की स्थिति लगातार खराब होती चली गई. लंबे समय तक मरम्मत और सफाई नहीं होने से डैम में भारी मात्रा में गाद जमा हो गई. वहीं डैम की जमीन पर अवैध कब्जे भी होते गए. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते रखरखाव होता तो डैम की वर्तमान स्थिति नहीं बनती.
2025 में टूटा था डैम का फाटक
बीते वर्ष 2025 में पानी के अत्यधिक दबाव के कारण डैम का एक फाटक क्षतिग्रस्त हो गया था. फाटक नहीं खुलने से जलस्तर बढ़ता गया और दबाव के कारण संरचना को नुकसान पहुंचा. इसके बाद शहर में पेयजल संकट गहरा गया और कई इलाकों में पानी की राशनिंग तक करनी पड़ी. डैम की स्थिति गंभीर होने के बाद नगर निगम और महापौर अरविंद राणा ने लगातार निरीक्षण किया. बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में महापौर ने 15 से अधिक बार डैम का दौरा कर मरम्मत कार्य की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
फाटक और चैनल की हो रही मरम्मत
वर्तमान में क्षतिग्रस्त फाटकों की मरम्मत के साथ-साथ डैम के चैनल को भी दुरुस्त किया जा रहा है. मरम्मत पूरी होने के बाद बरसात के दौरान फाटकों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सकेगा, जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी आसान होगी और डैम पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल फाटक की मरम्मत से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी. डैम में वर्षों से जमी गाद की सफाई और गहरीकरण भी आवश्यक है. उनका मानना है कि इससे डैम की जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में शहर को बेहतर जलापूर्ति मिल सकेगी.
महापौर बोले- शहर की जलापूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता
महापौर अरविंद राणा ने कहा कि हजारीबाग शहर को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से डैम की मरम्मत कराई जा रही है ताकि भविष्य में पेयजल संकट की पुनरावृत्ति न हो और शहरवासियों को नियमित जलापूर्ति मिल सके. लोगों का मानना है कि डैम की सुरक्षा और उपयोगिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर फाटकों की मरम्मत, चैनल की सफाई और गाद निकासी का कार्य नियमित रूप से होना चाहिए. इससे न केवल डैम की आयु बढ़ेगी बल्कि हजारीबाग शहर की पेयजल व्यवस्था भी लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेगी.
