Ranchi: रिम्स की जमीन फर्जीवाड़ा मामले में शुक्रवार को ACB के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में बिल्डर शुभम साबू की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा केस डायरी की मांग की गई, लेकिन IO की तरफ से केस डायरी और जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा गया है. ऐसे में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तिथि निर्धारित की है.
अवैध निर्माण में करीब 14 करोड़ रुपये किए गए थे निवेश
जानकारी के अनुसार, लकी कंस्ट्रक्सन के बिल्डर शुभम साबू ने मोरहाबादी और कोकर मौजा की इस विवादित जमीन पर आलीशान अपार्टमेंट बनाया था. अवैध निर्माण में करीब 14 करोड़ रुपये निवेश किए गए थे. झारखंड हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद ACB ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. इस मामले में 7 अप्रैल को ACB ने चार आरोपियों राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था.
आरोपियों ने मिलीभगत कर रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की थी. मामला 1964-65 में रिम्स की अधिग्रहीत करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जिस पर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान और मकान बना लिया गया था. मामले में ACB ने आधा दर्जन से अधिक को आरोपी बनाया है.
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