Koderma : बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू EOU ने लगभग एक दशक पुराने नोटबंदी घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक अरविंद कुमार को कोडरमा से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी अरविंद कुमार वर्तमान में डोमचांच प्रखंड के बैंक ऑफ इंडिया, फुलवरिया शाखा में मैनेजर के पद पर तैनात था. वह मूल रूप से पटना के दानापुर थाना क्षेत्र स्थित पंचवटी नगर, बीबीगंज, मठटा का निवासी है. पटना स्थित निगरानी न्यायालय से उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. ईओयू की विशेष टीम ने उसे कोडरमा स्थित बैंक ऑफ इंडिया की फुलवरिया शाखा से दबोचा.
2 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का आरोप
जांच में सामने आया कि साल 2016 में नोटबंदी के दौरान अरविंद कुमार बैंक ऑफ इंडिया की गया मुख्य शाखा में पदस्थापित था. आरोप है कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वादी राजेश कुमार के बैंक खाते से बिना खाताधारक की जानकारी के करीब 2 करोड़ रुपये का फर्जी और अवैध लेनदेन किया था. पीड़ित राजेश कुमार ने इस मामले पर गया के सिविल लाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

EOU को सौंपी गई थी जांच
शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दी गई. जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े तथयों की पड़ताल की गई. ईओयू EOU की जांच में अरविंद कुमार की भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई तेज की गई और निगरानी अदालत से उसके खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी हुआ.
चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि इस मामले में अब तक चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है. ईओयू EOU के अधिकारियों ने कहा कि एक दशक पुराने इस घोटाले में फरार आरोपी की गिरफ्तारी विभाग की बड़ी उपलब्धि है. मामले में आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
