NewsWave Desk : लद्दाख में केमिकल और सिंथेटिक फर्टिलाइजर की खरीद, वितरण, बिक्री, मार्केटिंग और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. इस संबंध में सरकार ने आदेश जारी कर दिया है. ये निर्णय लद्दाक को पूर्ण ऑर्गेनिक क्षेत्र बनाने के लिये लिया गया है. जो भारत का पहला पहला मॉडल ऑर्गेनिक क्षेत्र बनेगा. एलजी LG वीके सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लद्दाख ने खेती-बाड़ी में केमिकल और सिंथेटिक फर्टिलाइजर के इस्तेमाल और बिक्री पर सख्त रोक लगाकर पूरी तरह से ऑर्गेनिक क्षेत्र बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक और पारंपरिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रेरित है. इस फ़ैसले का मकसद पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की सेहत में सुधार और देश भर में टिकाऊ खेती विकसित करना है.
हिमालयी इकोसिस्टम को बचाना है
उन्होंने जानकारी दी कि इस अहम और निर्णायक कदम का मकसद लद्दाख को भारत का सबसे बड़ा सर्टिफाइड ऑर्गेनिक खेती वाला क्षेत्र बनाना है. साथ ही इसके बहुत नाजुक हिमालयी इकोसिस्टम को बचाना भी है. आदेश जुलाई से प्रभावी है. 207 रेवेन्यू गांवों के पहले से ही ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के दायरे में होने के कारण, इस आदेश के लागू होने के बाद लद्दाख भारत का पहला ऑर्गेनिक क्षेत्र बनने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इस आदेश का उल्लंघन करने पर कम से कम 10,000 का जुर्माना लगाया जाएगा.
20 हजार क्विंटल ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर खरीदी गयी
स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज के तहत, प्रशासन ने 20,000 क्विंटल ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर खरीदे हैं. जिनमें वर्मीकम्पोस्ट, पोटाश और फॉस्फेट-युक्त ऑर्गेनिक खाद शामिल हैं. इन वैकल्पिक ऑर्गेनिक खाद को स्थानीय किसानों को 80 फीसदी की भारी सब्सिडी पर बांटा जाएगा.
ALSO READ : ACB ने PE संख्या 3/2026 दर्ज कर शुरू की नामकुम लैंड स्कैम की जांच, CO और कर्मचारी समेत कई रडार पर
