Chaibasa: टोंटो प्रखंड की सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत टोंटो तथा आसपास के क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर संकट बना हुआ है. एक ओर जिओ मोबाइल नेटवर्क लंबे समय से बाधित है, वहीं दूसरी ओर अनियमित बिजली आपूर्ति ने ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो जिओ कंपनी और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस पहल की जा रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता हर महीने लाखों रुपये का रिचार्ज कराते हैं, लेकिन अधिकांश समय जिओ टॉवर बंद रहने से मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं हो पाता. लोगों का आरोप है कि कंपनी उपभोक्ताओं से शुल्क तो वसूल रही है, लेकिन अपेक्षित सेवा देने में पूरी तरह विफल है.
हाथियों की मौजूदगी से बढ़ी चिंता, आपात स्थिति में संपर्क मुश्किल
टोंटो, टोपाबेड़ा और बंदाबेड़ा गांवों के आसपास इन दिनों हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है. शाम होते ही ग्रामीण भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं. खेतों और गांवों में हाथियों की आवाजाही से लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क और बिजली दोनों बाधित रहने के कारण किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर हाथियों के हमले, दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में वन विभाग, पुलिस अथवा एम्बुलेंस से संपर्क करना लगभग असंभव हो जाता है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि वर्तमान स्थिति बनी रही, तो किसी भी अप्रिय घटना के समय लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है.
नेटवर्क और बिजली व्यवस्था सुधारने की उठी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित कंपनी से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है. उन्होंने जिओ कंपनी से टॉवर को शीघ्र दुरुस्त कर नियमित नेटवर्क सेवा उपलब्ध कराने तथा बिजली विभाग से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी बेहतर सेवा देने में सक्षम नहीं है, तो इस टॉवर के संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि लोगों को लगातार परेशानी का सामना न करना पड़े.
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