Gumla: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने बुधवार को सदर अस्पताल, गुमला का औचक निरीक्षण कर अस्पताल परिसर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार व्यवस्था एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों एवं विभागों का भ्रमण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रसव सेवाओं की जानकारी प्राप्त
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सर्वप्रथम डिलीवरी रूम का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रसव सेवाओं की जानकारी प्राप्त की. इसके पश्चात उन्होंने महिला वार्ड का निरीक्षण किया तथा पीलिया से पीड़ित एक वहां एडमिट मरीज से भी मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. उपायुक्त ने चिकित्सकों को इमरजेंसी मरीजों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने महिला वार्ड का भी निरीक्षण किया. इसके अलावा शिशु रोग विभाग पहुंचकर उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य एवं उपचार व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की. निरीक्षण के दौरान शिशु वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए.
किट वितरण पंजी की जांच
इस दौरान उपायुक्त ने ‘परिवार स्वास्थ्य मेला-2026’ अंतर्गत किट वितरण पंजी की जांच की तथा ब्लड जांच केंद्र का भी निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में अस्पताल भवन के कुछ हिस्सों में सीपेज एवं पानी के रिसाव की समस्या पाई गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने अस्पताल में इलाजरत मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं उपचार की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से भी चर्चा कर मरीजों की स्थिति की समीक्षा की तथा बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
लंबित प्रविष्टि नहीं रखने के सख्त निर्देश
आकस्मिक सेवा वार्ड का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्य कर्मियों से उपचार व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के सभी कर्मियों की उपस्थिति पंजी एवं डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मियों की रोस्टर पंजी की जांच की. निरीक्षण के दौरान जन्म एवं मृत्यु पंजी का भी अवलोकन किया गया. उपायुक्त ने संबंधित कर्मियों को पंजी को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा किसी भी प्रकार की लंबित प्रविष्टि नहीं रखने के सख्त निर्देश दिए.
संबंधित पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित
उपायुक्त ने कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) का भी निरीक्षण किया. उन्होंने पाया कि केंद्र में उपलब्ध 20 बेडों में से निरीक्षण के समय केवल 9 बच्चे भर्ती थे. इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गंभीर कुपोषण (एसएएम) से प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए. साथ ही, उन्होंने भर्ती बच्चों की माताओं से बातचीत कर बच्चों के स्वास्थ्य एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक,अस्पताल उपाधीक्षक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
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