Palamu : जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र के पतरिया गांव निवासी गर्भवती महिला गीता देवी प्रसव पीड़ा के दौरान करीब एक घंटे तक 108 एंबुलेंस का इंतजार करती रही. ग्रामीणों ने बताया कि गीता को एक निजी क्लिनिक के बाहर प्रसव पीड़ा में तड़प रही थी. ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद गीता को हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल रेफर किया गया. जहां गंभीर स्थिति और शरीर में खून की भारी कमी को देखते हुए मेदिनीनगर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद भी महिला को करीब एक घंटे तक 108 एंबुलेंस के इंतजार में अस्पताल में रखा गया. जबकि अस्पताल परिसर में जिला स्वास्थय समिति और डीएमएफटी की एंबुलेंस मौजूद थी. महिला की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि जरुरी खर्च के लिए ग्रामीणों को आपस में चंदा जुटाना पड़ा. यह दृश्य केवल एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि स्वास्थय व्यवस्था की चुनौतियों को भी सामने लाता है.
अस्पताल की स्थिति देखकर ग्रामीणों में आक्रोश
गीता देवी अत्यंत गरीब परिवार से है. उनके माता-पिता और सास-ससुर नहीं है. जबकि पति रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्य में मजदूरी करते है. ऐसे में बीमारी के समय उनके पास न आर्थिक सहारा था और न ही कोई पारिवारिक सहयोग. अनुमंडलीय अस्पताल की स्थिति देखकर ग्रामीणों में आक्रोश है.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से नहीं हुआ संपर्क
इन सवालों के जवाब जानने के लिए हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस. के. रवि से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया न ही कॉल बैक किया.
ALSO READ : प्रह्लाद जोशी संभालेंगें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी, राष्ट्रपति ने जारी किया आदेश
