NewsWave Desk : पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गयी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा जाए. इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना जारी की गयी है. जिसके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है. इस इस्तीफे के बाद ही कॉकरोच जनता पार्टी CJP ने नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की. जानकारी हो कि सीजेपी CJP की ओर से 26 जून से अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया. जिसकी प्रमुख मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा रहा.
सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मंत्री है प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे है. इन मंत्रालयों के साथ-साथ वह अब शिक्षा मंत्रालय के कामकाज और नीतिगत फैसलों की निगरानी करेंगे. प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से पांच बार के सांसद है. उन्हें पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी भी माना जाता है.
राहुल गांधी पर लगाया था युवाओं को गुमराह करने का आरोप
इसके पहले, सीजेपी CJP के आंदोलन के दौरान प्रह्लाद जोशी ने 23 जुलाई लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया था. जिसमें उन्होंने राहुल गांधी पर युवाओं को गुमराह करने के आरोप लगाया. जोशी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश के हर छात्र का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा था कि जब भी प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आईं, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए.
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