Ranchi: झारखंड के पलामू में शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. चिकित्सकीय सलाह के आधार पर मातृत्व और स्वास्थ्य अवकाश मांग रही एक गर्भवती शिक्षिका से जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का सनसनीखेज आरोप लगा है. छुट्टी न मिलने के कारण लगातार दफ्तर के चक्कर काटने और मानसिक प्रताड़ना के चलते शिक्षिका के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई.
बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा
इस दर्दनाक घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए इस घटना को अत्यंत गंभीर और अमानवीय करार दिया है. मरांडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कर्मचारी को उसके वैधानिक अधिकार के एवज में रिश्वत मांगकर प्रताड़ित करना कतई स्वीकार्य नहीं किया जा सकता. प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग नेता प्रतिपक्ष ने पलामू के उपायुक्त और पुलिस प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लें. उन्होंने सभी आरोपों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों बेनकाब किया जा सके. कहा कि इस अमानवीय कृत्य में लिप्त दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक पुनरावृत्ति न हो.
