Ranchi: झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने एक सख्त आदेश जारी कर TDPL एजेंसी को लेकर चल रही सभी अफवाहों और संलिप्तताओं पर हमेशा के लिए पूर्ण विराम लगा दिया है. आयोग ने साफ कर दिया है कि इस एजेंसी का परीक्षाओं से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है. आयोग ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है, कि TDPL एजेंसी का आयोग द्वारा आयोजित होने वाली किसी भी वर्तमान, पिछली या आगामी परीक्षा के संचालन, परीक्षा प्रबंधन या परीक्षा प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है. आयोग कार्यालय से जारी सूचना के मुताबिक, इस एजेंसी को पहले ही परीक्षा से जुड़े हर तरह के कार्यों से अलग किया जा चुका है.
मई 2025 में ही कर दिया गया था डी-एम्पैनल
आयोग ने अपने कार्यालय आदेश संख्या-131 (दिनांक 20.05.2025) के तहत बहुत पहले ही TDPL एजेंसी को परीक्षा संबंधी सभी दायित्वों से मुक्त करते हुए डी-एम्पैनल कर दिया था. इसका सीधा मतलब यह है कि 20 मई 2025 के बाद या उससे पहले भी, आयोग की किसी भी परीक्षा गतिविधि में इस एजेंसी की कोई सहभागिता या कानूनी भूमिका नहीं रही है. छात्रों और अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है.
फर्जी और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर गिरेगी गाज
जेएसएससी (JSSC) ने बहुत कड़े शब्दों में चेतावनी दी है, कि आयोग की प्रतिष्ठा और पारदर्शिता को धूमिल करने वाली कोई भी भ्रामक, असत्य या तथ्यहीन सूचना यदि प्रसारित की जाती है, तो उसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आयोग ने साफ किया है कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या मीडिया माध्यम इस तरह की निराधार खबरें फैलाता है, तो उनके खिलाफ सख्त विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. झारखंड के युवाओं के भविष्य और परीक्षाओं की शुचिता को बनाए रखने के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सभी संबंधित पक्षों और अभ्यर्थियों से अपील है, कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल जेएसएससी (JSSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारियों को ही सही मानें.
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