Lohardaga:राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय ट्रेड यूनियनों, सेवा संगठनों तथा अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को लोहरदगा में जिला स्तरीय धरना-सत्याग्रह कार्यक्रम आयोजित किया गया. समाहरणालय के समक्ष भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के पास आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, कर्मचारी और विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ उठाई आवाज
धरना-सत्याग्रह की अध्यक्षता एआईसीसीटीयू (ऐक्टू) के राष्ट्रीय सीडब्ल्यू सदस्य सह झारखंड राज्य सचिव महेश कुमार सिंह ने की. उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए धरना प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई की आलोचना करते हुए मृत छात्रों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की.उन्होंने जेल भेजे गए छात्रों की रिहाई और दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी मांग उठाई. उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है.मजदूर, किसान और युवाओं के मुद्दे उठाए.सीटू के जिला सचिव दिलीप कुमार वर्मा ने किसानों, मजदूरों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने किसानों के हितों में नीतियां बनाने, मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने और रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति की मांग की.उन्होंने स्मार्ट मीटर, बढ़ते बिजली बिल और अन्य जन मुद्दों को लेकर भी विरोध जताया.

किसानों ने आर्थिक सुरक्षा की मांग की
किसान नेताओं जगदीश महतो, गोपाल महतो, चारो भगत और सुखदेव भगत ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए ठोस नीतियां लागू करने की मांग की. उन्होंने किसानों को पर्याप्त सरकारी सहायता और आर्थिक सुरक्षा देने की बात कही.
10 अगस्त के जेल भरो अभियान में भागीदारी की अपील
कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने चारों लेबर कोड वापस लेने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग उठाई.अंत में किसुन दास ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी संगठनों और लोगों से 10 अगस्त 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी जेल भरो अभियान को सफल बनाने की अपील की. इसके साथ ही धरना-सत्याग्रह कार्यक्रम का समापन हुआ.
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