News Wave Desk: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मोहम्मद बाजार इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुलिस ने देर रात एक पूर्व सरकारी बस चालक के बंद पड़े घर में अचानक छापेमारी कर भारी मात्रा में सोना और करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की है. यह पूरी कार्रवाई बीरभूम के चर्चित और फिलहाल फरार पत्थर कारोबारी टुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के ठिकाने पर की गई.

मोहम्मद बाजार में देर रात अचानक पुलिस की घेराबंदी
स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात भारी पुलिस बल और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की टीमों ने छह गाड़ियों में पहुंचकर मीनार मंडल के घर को चारों तरफ से घेर लिया.
बुधवार सुबह छह बजे से शुरू हुआ तलाशी अभियान दोपहर तक लगातार चलता रहा. प्राथमिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का सोना (लगभग 15 किलोग्राम) और 5.5 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है. कुछ अन्य सूत्रों और दावों के मुताबिक यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है, जिसकी आधिकारिक गिनती जारी है.
नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ीं 5 मशीनें और बड़े ट्रंक बरामद की गई नकदी:
इतनी अधिक थी कि अधिकारियों को पैसे गिनने के लिए कम से कम पांच नोट गिनने वाली मशीनें, प्रिंटर और बड़े ट्रंक मौके पर मंगाने पड़े. घर के अंदर रखे बक्सों से नोटों के बंडल बरामद हुए, जिन्हें गिनने में अधिकारियों को घंटों का समय लगा.
कौन है मीनार मंडल और टुलु मंडल से क्या है कनेक्शन?
पुलिस की शुरुआती जांच में इस अवैध खजाने के पीछे की पूरी कहानी सामने आई है. मीनार मंडल पहले सरकारी बस चालक के रूप में काम करता था। बाद में उसने अपनी नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और चर्चित पत्थर व्यापारी टुलु मंडल के संपर्क में आकर पत्थर के कारोबार में उतर गया.पुलिस को अंदेशा है कि पत्थर खदानों और अवैध वसूली से कमाए गए अरबों रुपये की काली कमाई को मीनार के घर में जानबूझकर छुपाया गया था, ताकि पूर्व सरकारी कर्मचारी होने के नाते उस पर किसी को शक न हो.टुलु मंडल बीरभूम का एक प्रभावशाली पत्थर कारोबारी है और उसे तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल का बेहद करीबी माना जाता है. चुनाव बाद हुई हिंसा और अन्य मामलों में नाम आने के बाद से टुलु मंडल फिलहाल फरार चल रहा है.
प्रशासनिक व राजनीतिक हलचल
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके और राज्य के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है. नेताओं और अधिकारियों ने लॉ एनफोर्समेंट टीमों की इस सटीक कार्रवाई की सराहना की है. सैंथिया के भाजपा विधायक जगन्नाथ चट्टोपाध्याय सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस घटना के बाद स्थानीय राजस्व और पत्थर खदानों में चल रहे भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं. फिलहाल मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात है. पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस संपत्ति का मुख्य स्रोत क्या है? क्या इसका सीधा संबंध फरार टुलु मंडल और खनन माफिया के नेटवर्क से है? इस पूरे रैकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं?
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