Latehar: बालूमाथ/सीरम. सीरम क्षेत्र के टोला चकोड़वाटांड़ में वन विभाग की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि वन भूमि को खेत का स्वरूप देकर वहां धान रोपनी की तैयारी की जा रही है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है. ग्रामीणों के मुताबिक, प्रकाश मुंडा उर्फ टकला पिता ढोटन मुंडा, लीलू मुंडा पिता कइला मुंडा और अजय मुंडा, सभी सीरम टोला चकोड़वाटांड़ निवासी हैं, जिन पर वन विभाग की जमीन पर कब्जे का प्रयास कर खेती करने की तैयारी का आरोप लगाया गया है.
तालाब के बगल की वन भूमि पर खेती की तैयारी का आरोप
बताया जा रहा है कि संबंधित स्थल के पास वन विभाग द्वारा निर्मित तालाब मौजूद है. ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के किनारे स्थित वन भूमि को कथित रूप से समतल कर खेत का रूप दिया जा रहा है, जहां धान रोपनी की तैयारी की जा रही है. ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वन भूमि पर अतिक्रमण को बढ़ावा मिल सकता है.
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर जांच टीम भेजकर भूमि का सीमांकन और भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि वन भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके. ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में अवैध कब्जा या अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.
वन भूमि की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की जमीन की सुरक्षा और अतिक्रमण रोकना विभाग की जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में मौके पर पहुंचकर जांच करता है या नहीं और कथित अतिक्रमण के आरोपों पर क्या कार्रवाई की जाती है.
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