Hazaribagh: खेलकूद को गंभीरता से लें. इससे कुछ दिनों के इवेंट में परिणत नहीं होने दें. इस पर साल भर काम करें. कला-संस्कृति की भांति खेल में भी पूर्वी क्षेत्र में विश्वविद्यालय को नई पहचान दिलाएं. उक्त बातें विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने बुधवार को कही. वह आर्यभट्ट सभागार में आयोजित विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की वार्षिक सभा में बतौर अध्यक्ष अपना अभिभाषण प्रस्तुत कर रहे थे. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को खेल मद में सरकार से कोई राशि प्राप्त नहीं होती है. अतः प्रत्येक संस्थान अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों से अपने खेल कार्यक्रम तथा संरचना निर्माण को प्रायोजित करवाने की दिशा में पहल करें.
बैठक में सर्वप्रथम छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार ने सभी का स्वागत करते हुए बैठक के कार्यवृत्त को प्रस्तुत किया. खेल निदेशक डॉ. जॉनी रूफीना तिर्की ने पिछले एक वर्ष की खेल गतिविधियों तथा उस पर हुए खर्च से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. सर्वाधिक खेलों में भागीदारी तथा उम्दा प्रदर्शन के लिए संत कोलंबा महाविद्यालय एवं अन्नदा महाविद्यालय की सराहना की गई.
खेल गतिविधियों को वर्षभर संचालित करने पर जोर
वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाली विभिन्न अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु मेजबान संस्थानों का चयन किया गया. अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता के आयोजन का दायित्व प्राप्त संस्थानों को ही विश्वविद्यालय दल के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने तथा अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय दल का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का दायित्व भी सौंपा गया.
खेल अनुदेशकों की नियुक्ति पर सहमति बनी तथा जल्द से जल्द इससे संबंधित प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश संबंधित विभाग को दिया गया. आवश्यकता अनुसार खिलाड़ियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय दल के साथ एक फिजियोथेरेपिस्ट भेजने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई. बढ़ती महंगाई को देखते हुए खिलाड़ियों तथा खेल से जुड़े अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों के दैनिक भत्ते में आंशिक वृद्धि पर सहमति जताते हुए इसे विश्वविद्यालय की वित्त समिति के कार्यवृत्त में शामिल करने का प्रस्ताव लिया गया.
चतरा में स्पोर्ट्स हब बनाने का प्रस्ताव
कुलपति ने चतरा जैसे पिछड़े क्षेत्र में खेलों के विकास के लिए वहां के तीनों महाविद्यालयों के लिए संयुक्त रूप से “स्पोर्ट्स हब” बनाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया. विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं में अच्छी संख्या में प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश के साथ कुलपति ने खेलों में छात्राओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष हॉकी खेल के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए. हॉकी की अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता के लिए संत कोलंबा महाविद्यालय के अतिरिक्त जेजे कॉलेज तिलैया, अन्नदा महाविद्यालय, रामगढ़ महाविद्यालय, पीजी एथलेटिक क्लब तथा चतरा महाविद्यालय को पुरुष एवं महिला हॉकी दल तैयार करने का निर्देश दिया गया.
विश्वविद्यालय के कुलानुशासक तथा पूर्व छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. सादिक रज्जाक ने धन्यवाद ज्ञापित किया. बैठक में विश्वविद्यालय के सीसीडीसी प्रोफेसर मिथिलेश कुमार सिंह, कुलसचिव सुरेंद्र कुशवाहा, वित्त पदाधिकारी डॉ. प्रदीप पाल, पूर्व छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत कुमार, पूर्व खेल निदेशक डॉ. राखो हरि, संत कोलंबा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बिमल रेवन, मार्खम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गजेंद्र कुमार सिंह, रामगढ़ महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. रत्ना पांडे, पीजी एथलेटिक क्लब के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार दुबे, सचिव विजय कुजूर सहित लगभग 55 महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा खेल से जुड़े शिक्षक उपस्थित थे.
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