Newswave Desk: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. खिलाड़ियों को अब फिटनेस के नए मानकों पर खरा उतरना होगा. बोर्ड ने खिलाड़ियों के लिए 2 किलोमीटर दौड़ का नया फिटनेस टेस्ट शामिल किया है, जिसमें तय समय के अंदर दौड़ पूरी करना अनिवार्य होगा.
2 किमी दौड़ के लिए खिलाड़ियों को मिलेगा समय
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज गेंदबाजों और बल्लेबाजों के लिए फिटनेस टेस्ट के मानक अलग-अलग रखे गए हैं. बल्लेबाजों और विकेटकीपरों को 2 किलोमीटर की दौड़ एक तय समय सीमा में पूरी करनी होगी, जबकि तेज गेंदबाजों के लिए इससे भी बेहतर फिटनेस स्तर की उम्मीद की जाएगी. इस टेस्ट का उद्देश्य खिलाड़ियों की स्पीड, स्टैमिना और मैदान पर प्रदर्शन करने की क्षमता को परखना है.

यो-यो टेस्ट के बाद अब रनिंग टेस्ट पर जोर
BCCI पिछले कुछ वर्षों से खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर लगातार नए कदम उठा रहा है. पहले यो-यो टेस्ट को अनिवार्य किया गया था, जिसके जरिए खिलाड़ियों की सहनशक्ति और रिकवरी क्षमता जांची जाती थी. अब 2 किमी रनिंग टेस्ट को भी फिटनेस आकलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है.

चोट से बचाव और बेहतर प्रदर्शन पर नजर
BCCI का मानना है कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस का सीधा असर प्रदर्शन पर पड़ता है. लगातार क्रिकेट खेलने के दबाव के बीच बेहतर फिटनेस खिलाड़ियों को चोट से बचाने और लंबे समय तक टीम में बने रहने में मदद करेगी.
टीम इंडिया के खिलाड़ियों को देना होगा फिटनेस का सबूत
नए नियम के लागू होने के बाद टीम में चयन से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट को भी अहम माना जाएगा. खराब फिटनेस वाले खिलाड़ियों को टीम में जगह बनाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है. BCCI का यह कदम भारतीय क्रिकेट को और ज्यादा फिट, तेज और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है.
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