Hazaribagh: झारखंड सरकार द्वारा JSSC-CGL समेत वर्ष 2014 के बाद विवादित एजेंसी TDPL के माध्यम से आयोजित कराई गई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणामों और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले का पूर्व मंत्री एवं हजारीबाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल ने स्वागत किया है. उन्होंने इसे छात्रों और युवाओं के हित में महत्वपूर्ण फैसला बताया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त 2026 की देर शाम हुई आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद यह निर्णय लिया. जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही छात्रों के हित और उनके भविष्य को लेकर गंभीर रही है. सरकार ने छात्रों की कई मांगों को स्वीकार किया और अब JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग भी मान ली है.

राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार छात्रों की आवाज उठाती रही है. राहुल गांधी ने भी छात्रों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा था और छात्रों से बातचीत करने का आग्रह किया था. इसके अलावा उन्होंने छात्रों से फोन पर बातचीत कर उनकी समस्याएं समझने का प्रयास किया. जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से भी युवाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं को सामने लाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे.
छात्रों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण- कांग्रेस जिला अध्यक्ष
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल के स्वार्थ का माध्यम नहीं बनना चाहिए. छात्रों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है और उनकी जायज मांगों का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए. पटेल ने कहा कि इंडिया गठबंधन सरकार युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आगे भी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी.
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