Hazaribagh: जिले में खास महाल भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और वर्षों से लंबित भूमि विवादों, अतिक्रमण तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष सर्वेक्षण अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत हजारीबाग खास महाल क्षेत्र की 22 मौजों में फैली लगभग 796.17 एकड़ भूमि का भौतिक सत्यापन किया जाएगा. प्रशासन के अनुसार यह सर्वेक्षण 8 जुलाई तक चलेगा.
वर्षों से विवादों में रही है खास महाल भूमि
खास महाल की जमीनों को लेकर लंबे समय से लीज नवीकरण, नामांतरण, अवैध हस्तांतरण, अतिक्रमण और भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं. कई स्थानों पर नियमों के विपरीत भूमि उपयोग की शिकायतें भी प्रशासन को मिलती रही हैं. इन्हीं मामलों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में व्यापक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया. प्रशासन का मानना है कि इस पहल से भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी.

लीज, नामांतरण और अतिक्रमण की होगी जांच
सर्वेक्षण के दौरान यह जांच की जाएगी कि कितनी भूमि वैध लीज पर है, किन मामलों में लीज नवीकरण लंबित है और कहां अतिक्रमण हुआ है. इसके अलावा भूमि उपयोग में नियमों के उल्लंघन की भी जांच होगी. अधिकारियों के अनुसार राजस्व अभिलेखों और जमीनी स्थिति का मिलान कर प्रत्येक भूखंड की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाएगी. इससे भूमि प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और राजस्व प्रशासन को सटीक जानकारी प्राप्त होगी.
पांच सदस्यीय विशेष टीमों का गठन
सर्वेक्षण कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीमों का गठन किया गया है. प्रत्येक टीम में एक पदाधिकारी, एक राजस्व उपनिरीक्षक, एक अमीन, एक फोटोग्राफर और एक चौकीदार शामिल हैं. ये टीमें संबंधित क्षेत्रों में जाकर भूमि की मापी, फोटोग्राफी, दस्तावेजों का सत्यापन और भौतिक निरीक्षण करेंगी. प्रत्येक भूखंड का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी विवाद के समाधान में सहायता मिलेगी.
भू-स्वामियों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने खास महाल भूमि पर निवास करने वाले लोगों, भूधारकों और संबंधित पक्षों से सर्वेक्षण के दौरान उपस्थित रहने तथा लीज, रसीद, नामांतरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के सहयोग से यह सर्वेक्षण अधिक प्रभावी, सटीक और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जा सकेगा.
अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण के दौरान यदि अतिक्रमण, अवैध हस्तांतरण या भूमि उपयोग में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिले में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर खास महाल भूमि का सर्वेक्षण कराया जा रहा है. ऐसे में भूमि से जुड़े हजारों लोगों की नजर इस अभियान के परिणामों पर टिकी हुई है.
लंबित मामलों के समाधान की उम्मीद
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस सर्वेक्षण से खास महाल भूमि का अद्यतन और प्रमाणिक डाटाबेस तैयार होगा. इससे लीज नवीकरण, नामांतरण और अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी. साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की पहचान करना भी आसान होगा. भूमि संबंधी लंबित मामलों से परेशान लोगों को उम्मीद है कि इस व्यापक सर्वेक्षण के बाद वर्षों से अटके मामलों के समाधान का रास्ता खुलेगा और भूमि प्रबंधन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित तथा पारदर्शी बन सकेगी.
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