Hazaribagh:जिले के नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए उपायुक्त हेमन्त सती ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया. इस दौरान शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक के ग्रामीण अपनी उम्मीदें लेकर समाहरणालय पहुँचे, जहाँ उपायुक्त ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को गंभीरता से सुना.
भू-राजस्व और मुआवजे के मामलों की रही भरमार
जनता दरबार में पहुँचे अधिकांश आवेदन भूमि विवाद और मुआवजे से संबंधित थे. ग्रामीणों ने मुख्य रूप से भू-अर्जन, मुआवजे के भुगतान, ऑनलाइन रसीद कटने में आ रही समस्याओं, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और भूमि अतिक्रमण जैसे गंभीर मामलों को उपायुक्त के समक्ष रखा. इसके अलावा एनटीपीसी से जुड़े विस्थापन और मुआवजे के पुराने लंबित मामलों पर भी ग्रामीणों ने अपनी गुहार लगाई.

पेंशन, आवास और रोजगार पर भी हुई चर्चा
भूमि के अलावा समाज कल्याण से जुड़ी समस्याओं की भी लंबी फेहरिस्त रही. फरियादियों ने निम्नलिखित क्षेत्रों में सहायता की मांग की. सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायतें ,बुनियादी ढांचा पेयजल की समस्या और भंडारण की आवश्यकता, अधिकार वन पट्टा, होमगार्ड आवास से संबंधित प्रकरण, रोजगार ,युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और स्थानांतरण जैसे मुद्दों पर आवेदन सौंपे गए.
अधिकारियों को सख्त निर्देश: टालमटोल नहीं होगी बर्दाश्त
उपायुक्त हेमन्त सती ने आवेदनों को प्राप्त करते ही उन्हें संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अग्रसारित कर दिया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मामलों की समुचित जांच की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि आमजन को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों का शीघ्र निपटारा अनिवार्य है.
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