Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास को गति देने वाले कई ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं. इन फैसलों का उद्देश्य झारखंड की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करना, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करना है.

शिक्षा और बालिकाओं का सशक्तिकरण
• बालिका आवासीय भवनों का निर्माण: राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में बालिकाओं के लिए आधुनिक आवासीय भवनों के निर्माण हेतु लगभग 50 करोड़ रुपये (49.99 करोड़) की स्वीकृति दी गई है.
• ज्ञानोदय योजना का विस्तार: प्राथमिक विद्यालयों के समग्र विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2027-28 से 2028-29 तक ज्ञानोदय योजना के तहत 73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. वहीं, कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘स्टूडेंट्स डायरी’ हेतु 27 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
• सेनेटरी नैपकिन वितरण योजना: सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए 1 अरब 24 करोड़ 37 लाख रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है.
• छात्र अनुसंधान नवाचार नीति: युवाओं और विद्यार्थियों में शोध की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘झारखंड छात्र अनुसंधान नवाचार नीति 2026’ के गठन की स्वीकृति दी गई है.
स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार
मेडिकल कॉलेज का कायाकल्प: धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में यूजी की सीटों को 100 से बढ़ाकर 250 करने तथा पीजी सीटों में बढ़ोतरी के लिए 2 अरब 75 करोड़ रुपये की विशाल राशि की स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित होंगी.
सुरक्षा और कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
स्मार्ट पुलिसिंग और सीसीटीवी नेटवर्क: कानून-व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य के 606 पुलिस थानों में 9,006 सीसीटीवी कैमरे लगाने हेतु 90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
विशेष न्यायालय का गठन: एनडीपीएस एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए चतरा में विशेष न्यायालय के तहत जिला न्यायाधीश के एक नए पद के सृजन को मंजूरी दी गई है.
यह भी पढ़ें: MMDR संशोधन अधिनियम पर कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, प्रकाश रजक बोले- झारखंड के हितों से समझौता स्वीकार नहीं
ग्रामीण विकास, कृषि और पर्यटन को नई दिशा
• किसानों का सशक्तिकरण: कृषि क्षेत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किसानों की विशिष्ट आईडी बनाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है. साथ ही, कृषि विभाग में संविदा पर कार्यरत 12 कनीय अभियंताओं की सेवाओं को नियमित कर उन्हें बड़ा तोहफा दिया गया है.
• पुलों का रखरखाव और ग्रामीण कार्य: ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाए रखने के लिए ‘झारखंड पुल अनुश्रवण नीति’ की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण कार्य विभाग के पुलों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित होगा.
• तोपचांची झील का सौंदर्यीकरण: पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए तोपचांची झील के आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण हेतु 184 करोड़ 29 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है.
• कल्याणकारी योजनाओं में संशोधन: ‘गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना’ की मार्गदर्शिका और ‘झारखंड ग्रासरूट इनोवेशन योजना’ में सकारात्मक संशोधन किए गए हैं, जिससे जरूरतमंदों को और अधिक लाभ मिल सकेगा.

