Ranchi: झारखंड आंदोलन से जुड़े संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनका आरोप है कि कई वर्षों से मांगों को लेकर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. आंदोलनकारियों का कहना है कि उनके सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दे लगातार उपेक्षित रहे हैं. बार-बार मांग उठाने और सरकार से संवाद के बावजूद अपेक्षित निर्णय नहीं होने से आंदोलनकारियों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है.
मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेने पर बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करने की चेतावनी
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा. उनका कहना है कि अब आंदोलनकारी समुदाय केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहता है. आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द पहल करने की मांग करते हुए कहा, कि राज्य निर्माण में योगदान देने वालों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
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