पीएम आवास योजना में कथित फर्जीवाड़ा, ग्रामीण के घर की तस्वीर पर निकला पैसा

Koderma: कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड की तमाय पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है....

Koderma: कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड की तमाय पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है. एक ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि उसके निर्माणाधीन मकान की तस्वीर का इस्तेमाल कर दूसरे व्यक्ति ने योजना की राशि उठा ली. मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

ग्रामीण ने पड़ोसी पर लगाया योजना का लाभ लेने का आरोप

ग्रामीण कामेश्वर यादव का आरोप है कि उनके पड़ोसी मनोज राणा ने उनके अधूरे मकान को अपना बताकर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले लिया. उनका कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब गांव में जांच टीम पहुंची और योजनाओं की जांच शुरू हुई.

जांच के दौरान सामने आई तस्वीरों की बात

कामेश्वर यादव के अनुसार जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उनके मकान की तस्वीर के आधार पर योजना की किस्त निकाली गई है. इसके बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई और पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे.

पंचायत प्रतिनिधि ने लगाया बड़े भ्रष्टाचार का आरोप

पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि भुवनेश्वर यादव ने पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना ही नहीं, बल्कि कई दूसरी योजनाओं में भी लगातार अनियमितताओं की शिकायत मिल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में योजनाओं के संचालन में गड़बड़ी हुई है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.

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मुख्य सचिव को भेजा गया आवेदन

भुवनेश्वर यादव ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य सचिव को आवेदन भेजा है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है. तमाय पंचायत की मुखिया सीमा देवी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों का चयन ग्राम सभा में ग्रामीणों की मौजूदगी में किया जाता है. उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान और अन्य प्रक्रिया पंचायत सचिव तथा संबंधित विभाग के माध्यम से की जाती है. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान पंचायत सचिव योजनाओं की जानकारी उनसे साझा नहीं करते हैं.

जिला प्रशासन ने शुरू की जांच

मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. उपायुक्त के निर्देश पर प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और जांच जारी है.

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सम्मानित पंचायत पर उठे गंभीर सवाल

हाल ही में बेहतर योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सम्मानित हुई तमाय पंचायत अब भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई है. ऐसे में लोगों की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है. सवाल यह है कि क्या जांच में सच्चाई सामने आएगी और अगर आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी या नहीं.

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