रांची: रांची की थिएटर शोधकर्ता और अभिनेत्री मोनिता सिन्हा की हिंदी फिल्म ‘नुक्कड़ नाटक’ अब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है. तन्मय शेखर के निर्देशन में बनी यह फिल्म शिक्षा, सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों जैसे अहम मुद्दों को प्रभावी ढंग से पेश करती है.
समाज को आईना दिखाती कहानी
‘नुक्कड़ नाटक’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज के उन पहलुओं को सामने लाती है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. कहानी दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें कॉलेज से निकाल दिया जाता है. इसके बाद वे शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाने का संकल्प लेते हैं. फिल्म शिक्षा के अधिकार, सामाजिक असमानता और छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव जैसे संदेशों को गहराई से दर्शाती है.
निर्देशन और अभिनय का असर
निर्देशक तन्मय शेखर ने फिल्म को संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा है. फिल्म में मोलश्री, शिवांग राजपाल और दानिश हुसैन जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. वहीं, मोनिता सिन्हा का अभिनय इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है. उनके अभिनय में थिएटर का अनुभव साफ नजर आता है, जो कहानी को और भी प्रभावशाली बनाता है.
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थिएटर से फिल्मों तक का सफर
मोनिता सिन्हा केवल अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि थिएटर की एक समर्पित रिसर्च स्कॉलर भी हैं. वह रंगमंच के सामाजिक प्रभाव पर शोध कर रही हैं और मानती हैं कि कला समाज में बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है. दूरदर्शन और आकाशवाणी से जुड़े अनुभव ने उनकी कला को और निखारा है, जिसका असर इस फिल्म में भी देखने को मिलता है.
मोनिता सिन्हा का नजरिया
मोनिता का मानना है कि एक कलाकार के तौर पर उनका उद्देश्य ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें. ‘नुक्कड़ नाटक’ भी उन्हीं फिल्मों में से एक है, जो जमीनी हकीकत को सामने लाती है और जरूरी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है.
क्यों देखें ‘नुक्कड़ नाटक’?
यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत सामाजिक संदेश देती है. खासतौर पर उन दर्शकों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है, जो सार्थक और सोचने पर मजबूर करने वाला कंटेंट देखना पसंद करते हैं. नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध यह फिल्म इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है.
