Hazaribagh: भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए कार्यरत संगठन संस्कार भारती की झारखंड प्रांत की दो दिवसीय वार्षिक साधारण सभा हजारीबाग के सरस्वती विद्या मंदिर, पारनाला, कुमारटोली में संपन्न हुई. राज्य के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन में भाग लिया.
दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्कार भारती के अखिल भारतीय मंत्री डॉ. संजय कुमार चौधरी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष मथुरेश कुमार वर्मा, प्रांत उपाध्यक्ष तपन कुमार पटनायक और जिला अध्यक्ष कुमार केशव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत संस्कार भारती के ध्येय गीत और सरस्वती वंदना से हुई, जिसकी प्रस्तुति शोभा सिन्हा और उनके शिष्यों ने दी. स्वागत भाषण में जिला अध्यक्ष कुमार केशव ने सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया. वहीं मथुरेश कुमार वर्मा ने कहा कि वार्षिक साधारण सभा संगठन की दिशा और भविष्य की योजनाओं को तय करने का महत्वपूर्ण अवसर होती है.

12 जिलों में सक्रिय हैं संस्कार भारती की समितियां
प्रांत महामंत्री संजय कुमार श्रीवास्तव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में झारखंड के 12 जिलों में संस्कार भारती की समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा कि संगठन ने अखिल भारतीय योजना के तहत राज्य में 265 महिला कलाकारों का सर्वेक्षण पूरा किया है. इसके अलावा बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई.
चित्रकला प्रदर्शनी और पुस्तक लोकार्पण रहे आकर्षण का केंद्र
सभा के दौरान आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही. इसमें भारतीय संविधान में शामिल चित्रों की प्रतिकृतियां तथा पर्यावरण विषय पर बच्चों द्वारा बनाई गई चयनित पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं. साथ ही साहित्यकार राकेश रमन और अनिल कुमार झा की पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया. इस अवसर पर राकेश रमन की पुस्तक ‘पगली यात्रा’ का लोकार्पण भी किया गया.
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कला के भारतीय दृष्टिकोण को मजबूत करने पर दिया गया जोर
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि संस्कार भारती अब केवल कार्यक्रम आयोजित करने वाला संगठन नहीं रह गया है, बल्कि विचार आधारित संगठन के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है. उन्होंने भारतीय दृष्टिकोण से कला की समीक्षा, कलाकारों से संवाद, सांस्कृतिक अध्ययन और विश्वविद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. प्रांत उपाध्यक्ष और प्रसिद्ध छऊ नृत्य गुरु तपन कुमार पटनायक ने कहा कि कार्यकर्ताओं को संत दासिया बाऊड़ी के समर्पण और सेवा भाव से प्रेरणा लेकर समाज और संस्कृति के लिए कार्य करना चाहिए.
सभा में प्रसिद्ध रंगकर्मी प्रो. अजय कुमार मलकानी को संस्कार भारती, झारखंड प्रांत का संरक्षक मनोनीत किया गया. वहीं संध्या सत्र में आयोजित ‘कला दर्शन’ कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. दो दिवसीय इस आयोजन को सफल बनाने में संगठन के कई पदाधिकारियों, कलाकारों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
