Koderma: उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण इकाई की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.बैठक में एसएफसीएसी समिति की समीक्षा के दौरान 248 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से आच्छादित करने की स्वीकृति प्रदान की गई. इस योजना के तहत एकल अथवा पूर्ण अनाथ बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए प्रति माह 4 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है. इससे पहले जिले में 512 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल चुका है. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को बेहतर संरक्षण और शिक्षा मिल सके.
बाल विवाह रोकथाम पर विशेष जोर
बाल संरक्षण जिला स्तरीय समिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बाल विवाह से संबंधित सभी मामलों का नियमित फॉलोअप किया जाए और समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही वात्सल्य सदन के निर्माण से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश भी दिया गया. उपायुक्त ने प्रत्येक प्रखंड में ग्राम स्तर पर बाल कल्याण समितियों के गठन का निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की स्थानीय स्तर पर निगरानी की व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए.

पेंशन और मंइया सम्मान योजना के सत्यापन के निर्देश
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय एवं सर्वजन पेंशन योजना के लाभुकों का शत-प्रतिशत भौतिक और वार्षिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. वहीं झारखंड मुख्यमंत्री मंइया सम्मान योजना के लाभुकों का भी समयबद्ध तरीके से भौतिक एवं वार्षिक सत्यापन पूरा करने के निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिए गए. बैठक में उप विकास आयुक्त रवि जैन सिविल सर्जन Dr. अनिल कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नीतीश कुमार निशांत, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
