Ranchi: असम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने न केवल वहां की सियासत को बदला है, बल्कि झारखंड की राजनीति में भी सियासी हलचल बढ़ा दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने साफ शब्दों में संकेत दिया है कि असम में बीजेपी की प्रचंड जीत की पटकथा लिखने में हिमंत बिस्व सरमा से कहीं ज्यादा सहयोग झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी जेएमएम ने किया है.
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कांग्रेस का वोट बैंक और जेएमएम की सेंधमारी
डॉ. अजय आलोक ने सोशल मीडिया पर डेटा साझा करते हुए चौंकाने वाला दावा किया है कि असम की 16 महत्वपूर्ण सीटों पर कांग्रेस की हार का मुख्य कारण जेएमएम बनी. इन सीटों पर जेएमएम उम्मीदवारों ने न केवल दमदार उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि इतने वोट बटोरे कि वे दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे. जो कांग्रेस की लंका में आग लगाने वाला साबित हुआ. इससे बीजेपी के लिए जीत की राह कांटों के बजाय फूलों वाली हो गई.
वो 16 सीटें जहां जेएमएम ने बिगाड़ा खेल
बीजेपी प्रवक्ता ने उन सीटों की सूची भी जारी की है, जहां जेएमएम ने कांग्रेस के समीकरण ध्वस्त किए. उनमें मजबत, भेरगांव, गोसाईगांव, रंगपारा, डिगबोई, मार्गेरिटा, खुमताई, सोनारी, टिंगखोंग, रोंगोनाडी, चबुआ-लाहोवाल, बिस्वानथ, सरूपाथर, बरचल्ला, दुलियाजान और नहटकटिया शामिल हैं.
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बधाई के पात्र हैं हेमंत सोरेन
अजय आलोक ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, बधाई के पात्र हैं हेमंत सोरेन, जिन्होंने कांग्रेस की लंका में आग लगा दी. आगे लिखा है कि गंगोत्री से गंगासागर में झारखंड का बांध जल्द ही खत्म होगा. इस बयान के भी राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं.
